दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार का 2018-19 का बजट पेश किया। ‘स्वच्छ और प्रदूषण रहित दिल्ली का संकल्प’ सरकार के बजट में दिखा। यही वजह है कि इसे ग्रीन बजट बताया गया। बजट का एक चौथाई हिस्सा शिक्षा के लिए दिया गया। स्वास्थ्य पर भी सरकार ने बड़े बजट का ऐलान किया है। कुल बजट 11.3 फीसद हिस्सा स्वास्थ्य पर खर्च किया जाएगा। इस तरह से बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन व पर्यावरण पर अधिक जोर दिया गया है। दिल्ली सरकार का बजट इस बार डेढ़ गुणा ज्यादा बढ़ाया गया है। सरकार ने इस साल 53,000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। 53,000 करोड़ में से 42,000 करोड़ राजस्व से मिलेगा। स्थानीय निकाय चुनावों में कुल बजट का 13 फीसद खर्च किया जाएगा। बजट में शिक्षा के लिए 13997 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। दिल्ली के हर स्कूल का मूल्यांकन किया जाएगा और स्कूलों की रैंकिंग की जाएगी। दिल्ली सरकार और निगम के छात्रों के लिए मिशन बुनियाद के नाम से नया कार्यक्रम शुरू करने की योजना है। सरकारी स्कूलों में बालिकाओं के लिए सेल्फ डिफेंस की विशेष कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके लिए दस करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा दिल्ली में छह नए बस डिपो बनेंगे, इसके लिए 80 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। मोहल्ला क्लीनिक और पॉली क्लीनिक के लिए 403 करोड़ का प्रस्ताव है।