श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुजात बुखारी राइजिंग कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार है। अज्ञात हमलावरों ने शुजात बुखारी के कार्यालय के बाहर उनपर हमला कर दिया। हमला उस समय हुआ जब बुखारी अपने दफ्तर से इफ्तार पार्टी के लिए निकल रहे थे।
फुलिस के मुताबिक, बुखारी शहर के लाल चौक में प्रेस एंक्लेव स्थित कार्यालय से इफ्तार पार्टी के लिए निकल रहे थे। बताया जा रहा है कि उनपर काफी नजदीक से हमला हुआ। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें घटना के बाद तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमले में उनकी सुरक्षा में तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। बुखारी की हत्या पर मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और पूर्व सीएम ओमर अबदुल्लाह ने निंदा की है।
जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह बुखारी के ‘आकस्मिक निधन’ की खबर सुनकर स्तब्ध और दुखी हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘आतंकवाद की बुराई ने ईद की पूर्व संध्या पर अपना घिनौना चेहरा दिखाया है। मैं बर्बर हिंसा के कृत्य की कड़ी निन्दा करती हूं और ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में बुखारी पर इससे पहले भी हमला हो चुका था। उन्हें इससे पहले भी जान से मारने की कोशिश की गई थी। बुखारी को 2000 में हुए हमले के बाद सुरक्षा मुहैया कराया गया था।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया है कि राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की हत्या कायराना हरकत है। ये कश्मीर की विवेकसम्मत आवाजों को शांत करने की कोशिश है। वो एक बेखौफ और हिम्मतवर पत्रकार थे। उनके निधन पर बेहद दुख और अफसोस हुआ है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी शुजात बुखारी की हत्या पर दुख प्रकट किया और कहा कि बुखारी एक साहसी पत्रकार थे, जिन्होंने न्याय और शांति के लिए निर्भीक होकर लड़ाई लड़ी।









