श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में तेज विकास, पारदर्शी प्रशासन के लक्ष्य के साथ पीडीपी से गठजोड़ करने वाली भाजपा ने महबूबा सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। समर्थन वापसी के बाद महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल नरेंद्र नाथ वोहरा को अपना इस्तीफा सौंप दिया। खबरों के मुताबिक, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह महबूबा सरकार के कामकाज से खुश नहीं हैं।
जानकारी के मुताबिक, भाजपा हाईकमान, महबूबा सरकार के कश्मीर केंद्रित रवैये से खुश नहीं हैं। जिसके बाद कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा से कश्मीर से अपना समर्थन वापस ले लिया है और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता व मंत्रियों को अचानक दिल्ली तलब कर लिया है।
राज्य में पार्टी ने संसदीय चुनाव की तैयारियों को तेजी देने की मुहिम चलाई है, ऐसे में पीडीपी ने अपने काम करने के तरीके में बदलाव न लाया तो भाजपा के लिए जम्मू संभाग में लोगों के बीच जाना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में भाजपा के लिए कोई बड़ा फैसला करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
अमित शाह की बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अपने कश्मीर दौरे से ठीक चार दिन पहले अमित शाह ने बीजेपी नेताओं के साथ बैठक की थी। भाजपा के महासचिव और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी राम माधव ने कहा, ‘हम खंडित जनादेश में साथ आए थे। लेकिन मौजूदा समय के आकलन के बाद इस सरकार को चलाना मुश्किल हो गया था।’
उन्होंने कहा कि ‘महबूबा मुफ्ती हालात संभालने में नाकाम साबित हुईं। हम एक एजेंडे के तहत सरकार बनाई थी। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर सरकार की हर संभव मदद की। गृहमंत्री समय पर राज्य का दौरा करते रहे। सीमा पार से जो भी पाकिस्तान की सभी गतिविधियों को रोकने के लिये सरकार और सेना करती रही। लेकिन हालात सुधर नहीं रहे हैं।’








