श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा सरकार गिरने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वहां पर राज्यपाल शासन को मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति के मंजूरी के साथ ही राज्य में राज्यपाल शासन लागू हो गया है।
मंगलवार को भाजपा ने राज्य में गठबंधन की सरकार से अपना साथ छोड़ते हुए पीडीपी से समर्थन वापस ले लिया। समर्थन वापसी के बाद बहुमत खो चुकी सीएम महबूबा ने राज्यपाल वोहरा को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
राज्य में 1977 के बाद आठवीं बार और पिछले 10 सालों में चौथी बार राज्यपाल शासन का हरी झंडी मिल गई है।राज्यपाल ने राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट भेजते हुए राज्य संविधान के अनुच्छेद 92 के तहत राज्यपाल शासन लागू करने की सिफारिश की है।
बता दें कि राज्य में भाजपा और पीडीपी की गठबंधन सरकार 1 मार्च 2015 को बनी थी। तब राज्य में मुख्यमंत्री के तौर पर मुफ्ती मुहम्मद सईद ने शपथ ली थी। वे राज्य के 12वें मुख्यमंत्री थे। लेकिन 7 जनवरी 2016 को मुफ्ती मुहम्मद सईद का निधन हो गया था।
जिसके बाद उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती ने राज्य में सीएम के पद पर शपथ लीं थीं। तब से महबूबा सरकार के कामकाज को लेकर भाजपा हाईकमान खुश नहीं था। वहीं इस घटनाक्रम के बाद महबूबा ने कहा कि ‘हमने ब़़डे विजन के साथ ब़़डी पार्टी भाजपा से गठबंधन किया था। तीन साल तक अनुच्छेद 370 और 35 ए को बचाए रखा। राज्य के 11 हजार नौजवानों के खिलाफ केस वापस लिया। कश्मीर में बाहुबल की नीति संभव नहीं है। हमारी कोशिशों के कारण संघषर्ष विराम हुआ था। हम पाक व राज्य के लोगों से चर्चा के पक्ष में हैं।’








