नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य में 200 रूपए की बढ़ोतरी की है। अब नया समर्थन मूल्य 1750 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। कैबिनेट ने बुधवार को इस संबंध में मजूरी दी। बता दें कि पिछले दस सालों में पहली बार एमएसपी में इतनी बढ़ोतरी की गई है।
सरकार ने इससे पहले 2008-09 में धान की एमएसपी में 155 रूपए की बढ़ोतरी की थी। धान खरीफ की मुख्य फसल है। बता दें कि बजट में सरकार ने कहा था कि एमएसपी उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुणा तय किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले के बाद विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा एमएसपी मिलने से धान का उत्पादन ज्यादा हो सकता है। पिछले साल भी एमएसपी की घोषणा 7 जून को हुआ था। 2017-18 में धान का उत्पादन 11.1 करोड़ टन हुआ था, जो सबसे उच्चत्तम स्तर था।
किसी फसल का उत्पादन ज्यादा होने पर उसका बिक्री मूल्य कम हो जाता है। ज्यादा गिरावट को रोकने के लिए सरकार मुख्य फसलों का एक न्यूनतम बिक्री मूल्य निर्धारित करती है। बाजार में अगर किसानों को फसलों का उचित भाव नहीं मिल पाता है तो सरकारी एजेंसियां घोषित किए गए एमएसपी पर उसे खरीद लेती हैं।









