नई दिल्ली। 19 साल पहले आज ही के दिन यानी 26 जुलाई 1999 को भारत ने कारगिल युद्ध में विजय हासिल की थी। ये वो दिन था जब पाकिस्तान ने भारतीय सेना के आगे घुटने टेक दिए थे। सीमा पर हमले की शुरुआत करने वाले पाक के पास भारत के सामने झुकने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।
भारतीय जवानों के साहस, वीरता और जज्बे के सामने पड़ोसी मुल्क की सेना हार मान चुकी थी। करीब दो महीने तक चलने वाले इस युद्ध में जीत मिलने के साथ ही दुनिया को भारत की ताकत का सबूत भी देखने को मिला।
करीब दो महीने तक चला कारगिल युद्ध भारतीय सेना के साहस और जांबाजी का ऐसा उदाहरण है जिस पर हर देशवासी को गर्व है। करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल में लड़ी गई इस जंग में देश ने 527 वीर योद्धाओं को खोया था, वहीं 1300 से ज्यादा जवान घायल हुए थे। वहीं अकेले हरियाणा से 74 जवानों ने शहादत दी थी।
इस अमानवीय घटना के बाद कारगिल का युद्ध शुरू हो गया। भारत के लिए इसे जीतना मुश्किल था, क्योंकि सीमा में लगभग सभी ऊपरी पोस्टों पर पाकिस्तानी सेना का कब्जा था, लेकिन भारतीय सेना ने झुकने और रुकने से इनकार कर दिया। उन्होंने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना शुरू किया।
यह युद्ध 2 महीने से ज्यादा चला और 26 जुलाई 1999 के दिन भारतीय सेना ने कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ऑपरेशन विजय को सफलतापूर्वक जीत कर भारतीय जमीन को घुसपैठियों से मुक्त कराया। देश की आन-बान और शान के लिए 527 वीर सपूतों ने शहादत दी थी। 1300 से ज्यादा जवान घायल हुए थे। भारत माता के उन वीर सपूतों की दहाड़ का एहसास हर साल कारगिल विजय दिवस पर आज भी होता है।









