नागरिकता साबित करने के लिए सभी को मिले समान अवसर- सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली। असम में NRC ड्राफ्ट को लागू करने को लेकर सड़क से लेकर संसद तक हंगामा मचा हुआ है। इसकी आग मुंबई में भी देखने को मिली। महाराष्ट्र में भी असम की तरह ही एनआरसी लागू करने की मांग की जाने लगी है।

एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने मुंबई में भी इसे लागू करने की बात कही है। एमएनएस का आरोप है कि मुंबई में बड़ी तेजी से बांग्लादेशियों की संख्या बढ़ रही है।

बता दें कि सोमवार को असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण (एनआरसी) का दूसरा और अंतिम ड्राफ्ट सोमवार को जारी कर दिया गया है। असम में 2.89 करोड़ लोगों का नाम एनआरसी रिपोर्ट में शामिल है। जबकि इसमें नाम शामिल करने के लिए 3.29 करोड़ लोगों ने आवेदन दिया था।

उधर एनसीआर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन लोगों का नाम नागरिकता रजिस्टर में नहीं है उनकी जांच सही तरीके से होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा कि सभी को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए समान अवसर मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि राज्य इसमें सही प्रक्रिया का पालन करे।