अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज रजिस्टर्ड उत्तराखंड प्रदेश संगठन ने उत्तराखंड राज्य में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं से संबंधित सुरक्षा उपकरणों एवं सुरक्षा सुविधाएं कर्मियों को तुरंत दिए जाने की मांग को लेकर 8 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन,
देहरादून ,अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज रजिस्टर्ड शाखा उत्तराखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा के सांसद प्रतिनिधि विकास चौहान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उत्तराखंड राज्य में सभी निकायों नगर निगम नगर पालिका नगर पंचायत एवं अस्पतालों विभिन्न विभागों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की विकट समस्या एवं जोखिम भरे काम कराए जाने की समस्या से संबंधित 8 सूत्री ज्ञापन उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री को अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युव जन समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौंप कर शीघ्र समस्या का समाधान किए जाने की मांग की,
अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज रजिस्टर्ड शाखा उत्तराखंड प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद राज्य सभा प्रदीप टम्टा के सांसद प्रतिनिधि विकास चौहान के नेतृत्व में देहरादून कलेक्ट्रेट पहुंचा जहां पर जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री को राज्य में निकायों एवं अस्पतालों में कार्यरत सफाई कर्मियों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि वर्तमान समय में करोना महामारी कोविड-19 से पूरे देश भर में कोई भी नागरिक बच नहीं पा रहा है, केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप लॉक डाउन हो या करोना कर्फ्यू हो इसमें लोग सुरक्षित रहने के लिए अपने घरों में रहते हैं जिसमें आम जनमानस के बचाव के लिए आगे आकर फ्रंट लाइन पर डॉक्टर पुलिस एवं सफाई कर्मचारी ही आगे आकर काम कर रहे हैं, जिसमें सफाई कर्मचारी वर्ग अपनी जान जोखिम में डालकर बिना सुरक्षा सुविधाओं के जनहित एवं आम जनमानस के बचाव के लिए कार्यकर्ता चला रहा है जैसे सफाई कर्मचारी अपनी कमर पर सैनिटाइजेशन मशीन टांग कर अपने-अपने क्षेत्रों में विशेषकर करोना मरीजों में परिवारों के घरों पर जोखिम भरा कार्य कर रहे हैं और वह बिना PP किट पहले ही उनसे यह कार्य कराया जा रहा है ,सभी अस्पतालों में कोविड-19 वार्ड में सभी डॉक्टर व अन्य पीपी किट पहनकर प्रवेश करते हैं ,जबकि एकमात्र सफाई कर्मचारी वर्ग से बिना सुरक्षा उपकरणों के बिना सुरक्षा सुविधाओं के जोखिम भरा कार्य कराया जा रहा है, जिनको स्थानीय प्रशासन स्तर पर भी कोई सुख सुविधाएं नहीं दे रहे हैं और सफाई कर्मचारी वर्ग से जोखिम भरा कार्य निरंतर कराया जा रहा है ,जिसके चलते सफाई कर्मचारी एवं उनके परिवार कई जगह पर बीमार भी हो चुके हैं, जिनको यदि वह बीमार हो जाए तो काफी स्तर पर बीमार होने पर भी अस्पतालों में उनको भर्ती नहीं किया जा रहा है ,प्राय देखने को मिल रहा है कि और सूत्रों के द्वारा बताया जा रहा है कि विभिन्न अस्पतालों में करोना संक्रमित वार्ड में जहां सफाई कर्मचारी बिना सुरक्षा सुविधाओं के सफाई कर्मी सफाई कर्मियों से ही सफाई कर्मी कार्य के साथ-साथ करो ना पीड़ित मरीज की मृत्यु उपरांत बॉडी को भी डिस्पोज कराया जा रहा है जो कि सफाई कर्मचारी वर्ग के लिए बहुत जोखिम भरा कार्य है और खतरनाक साबित होता है ,विभिन्न निकाय एवं अस्पतालों में अस्थाई एवं ठेकेदारी पर एवं संविदा पर जो लोग कार्य कर रहे हैं उनका बीमा भी नहीं है ,ऐसी मुख्य समस्याओं से संबंधित आज हमारे संगठन अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युवजन समाज रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड प्रदेश के द्वारा 8 मुख्य मांगों को लेकर राज्य के माननीय मुख्यमंत्री जी से मांग की गई है की यथाशीघ्र इन समस्याओं का समाधान किया जाए और सफाई कर्मचारी वर्ग को जोखिम भरे कार्य करने के लिए PP किट मुख्य रूप से उपलब्ध कराई जाए एवं अन्य सुरक्षा उपकर्म सुरक्षा सुविधाएं तुरंत दी जाए और ऐसे जो अस्थाई कर्मी है उनका तुरंत केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार अपने खर्चे पर कर्मचारियों का बीमा कराएं एवं सफाई कर्मी वर्ग को कार्य करते बीमार होने पर प्राथमिकता के आधार पर सभी अस्पतालों में तुरंत भरते का निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाए के संदर्भ में सरकार शासनादेश जारी करें एवं सफाई कर्मी की कार्य के दौरान मौत हो जाए तो राज्य सरकार कर्मी के परिवारजनों को एक सरकारी नौकरी और मुआवजे के रूप में उत्तर प्रदेश की भांति 3000000 रूपए मुआवजा दिया जाय,
उत्तराखंड राज्य में सफाई कर्मचारियों जो ठेकेदार एवं अस्थाई रूप से कार्य कर रहे हैं उनको अभिलंब आवश्यक सेवा में तरमीन किया जाए और ठेका प्रथा को एवं संविदा कर्मी को नियमित रूप से सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए कर्मियों को न्यूनतम वेतन मजदूरी इपीएफ ईएसआई तथा श्रम कानूनों से मिलने वाली सुविधाएं जो ठेकेदारों एवं संबंधित विभाग व अधिकारी गणों की मिलीभगत से सफाई कर्मियों को नहीं मिल पा रही है दिए जाने हेतु राज्य सरकार शासनादेश जारी करें एवं प्रदेश के निकायों में मोहल्ला स्वस्थ स्वच्छता समितियों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों एवं ठेका प्रथा के कर्मियों को विभागीय स्तर पर उनका मासिक वेतन सीधा खाते में भेजा जाए और मूलभूत सुविधाएं श्रम कानूनों के अंतर्गत उपलब्ध कराई जाए प्रदेश में सभी अस्पतालों में निकाय में अन्य विभागों में विगत वर्षों से कार्य करते आ रहे हैं सफाई कर्मचारी उनको अभिलंब नियमित कर सरकारी कर्मचारी राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए एवं कोरोना महामारी कोविड-19 को मद्देनजर निकायों अस्पतालों अन्य विभागों में सफाई कर्मचारी के वेतन एवं सफाई कर्मचारी की पेंशन प्रत्येक माह की 1 तारीख को देने का शासनादेश जारी किया जाए।
इस अवसर पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विकास चौहान ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश की राज्य सरकार तुरंत हमारी इन आठ समस्याओं का समाधान करें एवं सफाई कर्मियों को उनका हक और अधिकार तुरंत दिया जाए यदि शीघ्र सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो और सफाई कर्मचारी की सुध नहीं ली तो हमारा संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा और सफाई कर्मियों की हक और अधिकार की आवाज को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए हमारा संगठन अखिल भारतीय अनुसूचित जाति जन सेवा सदैव तत्पर रहेगा
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से प्रदेश कानूनी सलाहकार श्री मनोज कुमार यादव एडवोकेट एवं प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री सुरेश पटेल एवं प्रदेश महामंत्री एवं प्रवक्ता मोहम्मद गुलफाम खान एवं प्रदेश सचिव श्री दया शंकर यादव जी एवं प्रदेश महामंत्री श्री विनोद कुमार एवं प्रदेश संगठन मंत्री उपमा गुप्ता Advocat एवं महानगर महामंत्री कुमारी नेहा आदि अन्य मौजूद रहे
गुलफाम खान
प्रदेश मुख्य प्रवक्ता
अखिल भारतीय अनुसूचित जाति युव जन समाज रजिस्टर्ड
उत्तराखण्ड प्रदेश







