
भारतीय किसान संघ की अखिल भारतीय स्तर पर 8 सितंबर को देश के सभी जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए प्रेस वार्ता

उधम सिंह नगर,भारतीय किसान संघ की अखिल भारतीय स्तर पर 8 सितंबर को राष्ट्रव्यापी देश के सभी जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए उत्तराखंड के उधम सिंह नगर कि रुद्रपुर में हरिद्वार जनपद की लक्सर में और देहरादून जनपद की विकास नगर में प्रेस वार्ता आयोजित की गई,

देहरादून में प्रदेश अध्यक्ष भुवन विक्रम , जिला अध्यक्ष मंगतू सिंह और जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र भट्ट हरिद्वार जनपद में प्रदेश के पूर्णकालिक पूर्व महामंत्री सतपाल राणा ,पूर्व क्षेत्र मंत्री महक सिंह पवार , जिला कार्यसमिति सदस्य आजाद सिंह ,सह जिला मंत्री गोरख सिंह चौधरी, शिवकुमार ,कालूराम चौहान और उधम सिंह नगर की दुर्गा मंदिर की धर्मशाला प्रदेश महामंत्री सुधीर शाही और प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमान ठाकुर जगदीश सिंह और संगठन मंत्री सुकर्मपालसिहराणा संयुक्त रुप से प्रेस वार्ता करके 8 सितंबर को 11:00 बजे गल्ला मंडी में रुद्रपुर 3 घंटे के लिए अर्थात 2:00 बजे तक धरना प्रदर्शन किया जाएगा
जिलाधिकारी की गाइडलाइन के साथ से 200 से ज्यादा किसान इकट्ठे ना किया जाए ,कोरोनावायरस के कारण मास्क और सामाजिक दूरी का जान बहुत जरूरी है ,
प्रदेश के तीनों पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता में कहा कि किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं लाभकारी मूल्य की आवश्यकता है ,इसके लिए कृषि विशेषज्ञ किसान संगठनों के प्रतिनिधि और सरकार के प्रतिनिधि बैठकर संयुक्त रुप से फसल की लागत का मूल्यांकन करें और जितनी लागत आ जाए उस पर 50% लाभ जोड़कर कब घोषित किया जाए, फिर किसान आत्महत्या नहीं करेगा क्योंकि आज न्यूनतम समर्थन मूल्य का केवल और केवल पंजाब को लाभ मिल रहा है बाकी देश के किसी राज्य को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पा रहा ,न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी खरीद के लिए सरकार कानून बनाए तो भी किसानों का भला हो सकता है, क्योंकि 11 अगस्त को भारतीय किसान संघ ने लाभकारी मूल्य के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यालय में एक ज्ञापन प्रेषित किया था जिसमें 31 अगस्त तक उत्तर ना मिलने पर संपूर्ण देश में 8 सितंबर को धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी और 8 सितंबर के बाद 10 दिन के भीतर अगर कोई केंद्र सरकार से उत्तर नहीं मिलता क्यों भारतीय किसान संघ का केंद्रीय नेतृत्व अगले कदम की घोषणा करेगा क्योंकि फिर किसान खेतों में नहीं सड़कों पर होगा,









