कुछ इलाकों में पटाखे बेचने पर रहेगा प्रतिबंध

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देहरादून। पिछले सालों की तरह इस साल भी पल्टन बाजार कोतवाली से घंटाघर तक, धामावाला बाजार कोतवाली से आढ़त बाजार चौक तक, मोती बाजार में पल्टन बाजार से पुरानी सब्जी मण्डी (हनुमान चौक तक), हनुमान चौक- झंडा मोहल्ला, रामलीला बाजार-बैंड बाजार तक, आनंद चौक से लक्ष्मण चौक तक, डिस्पेंसरी रोड का पूरा क्षेत्र, घंटाघर चकराता रोड पर हनुमान मन्दिर तक, सर्वे चौक से डीएवी पीजी कालेज देहरादून जाने वाली रोड, करनपुर मुख्य बाजार (भीड़भाड़ वाला क्षेत्र) के अलावा ऐसे स्थान जो संकीर्ण क्षेत्र और गलियां जहां अग्निशमन वाहन न पहुंच सकता हो, आतिशबाजी लाइसेंस के लिए प्रतिबन्धित रहेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि इन क्षेत्रों में पटाखा दुकानें पाये जाने पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यापारी संगठनों से अपील की है कि कोविड-19 संक्रमण के बचाव के लिए मास्क, फेस कवर, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही ज्वलनशील पदार्थों और धूम्रपान निषेध पर विशेष चौकसी बरती जाए। इसके अलावा आतिशबाजी की दुकान पर लाइसेंस की प्रति चस्पा करें। जिन स्थानों पर सामूहिक रूप से पटाखा विक्रय किये जायेंगे। उन सभी स्थानों के आसपास पानी के टैंकर की व्यवस्था की जायेगी। जिलाधिकारी और एसएसपी ने व्यापार संगठनों के पदाधिकारियों को बताया कि आतिशबाजी बेचने के लिए सिंगल विडों सिस्टम के तहत उपजिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों से लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। सभी व्यापारियों को आतिशबाजी को बेचने के लिए निर्धारित स्थल पर आंवटित क्षेत्र के लिए चार्ज भी देना होगा। इसके अलावा धनतेरस की रात 12 बजे ही सर्राफा व अन्य मेटल, फर्नीचर आदि दुकानें खुलेंगी। जिस किसी सर्राफा व्यापारी को अपने धन को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की आवश्यकता है। वह पुलिस प्रशासन को जानकारी कराए, ताकि सुरक्षा के लिए गार्ड उपलब्ध कराये जा सकें। साथ ही अगले साल से आतिशबाजी के लिए प्रशासन और पुलिस द्वारा निर्धारित स्थान पर ही आतिशबाजी की दुकानें लगाये जाने का शपथ पत्र व्यापारियों की ओर से प्रशासन को उपलब्ध कराये जाने का आश्वासन दिया गया।