बुली बाई एप मामले का मुख्य साजिशकर्ता असम से गिरफ्तार

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नई दिल्ली। ’बुली बाई’ एप  की जांच में जुटी पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गिटहब पर बुल्ली बाई के मुख्य साजिशकर्ता और निर्माता और बुली बाई के मुख्य ट्विटर खाता धारक को (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस यूनिट),स्पेशल सेल और दिल्ली पुलिस ने असम से गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम नीरज बिश्नोई है। असम से गिरफ्तार किया गया नीरज बिश्नोई असम के दिगंबर जोरहाट का रहने वाला है। जिसकी उम्र 21 साल है। नीरज बिश्नोई वेल्लोर प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल में बी. टेक  का छात्र है। बता दें कि, इससे पहले इस मामले में मुंबई पुलिस ने तीन को गिरफ्तार किया था। इसमें श्वेता सिंह, विशाल कुमार और मयंक रावल शामिल है। श्वेता सिंह को उत्तराखंड से गिरफ्तारल किया गया था। मुंबई पुलिस ने बुधवार को कहा कि ’बुली बाई’ एप के सिलसिले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें मुस्लिम महिलाओं की तस्वीर ऑनलाइन पोस्ट कर उन्हें बदनाम किया जा रहा था।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि ऐसा लगता है कि आरोपियों ने अपने ट्विटर हैंडल में सिख समुदाय से संबंधित नामों का इस्तेमाल किया था, जिससे कि लोगों को गुमराह किया जा सके और आरोपियों की पहचान न हो पाए।
इस संबंध में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यहां बताया कि शहर पुलिस की साइबर इकाई द्वारा उत्तराखंड से गिरफ्तार की गई 18 वर्षीय महिला श्वेता सिंह मुख्य आरोपी है, जिसने एप का ट्विटर हैंडल बनाया था।
उन्होंने दावा किया कि सिंह ने 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है और वह इंजीनियरिंग करने की योजना बना रही थी।
इससे पहले दिन में, मुंबई के पुलिस आयुक्त हेमंत नगराले ने संवाददाताओं से कहा कि इस मामले में कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका है।
मामले में बुधवार तड़के उत्तराखंड से मयंक रावल (21) को गिरफ्तार किया गया। श्वेता सिंह को मंगलवार को उत्तराखंड के ही रुद्रपुर से गिरफ्तार किया गया था, जबकि इंजीनियरिंग के छात्र विशाल कुमार झा (21) को सोमवार को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया था।
नगराले ने कहा कि मुंबई पुलिस ने दो जनवरी को एप के बारे में शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की, जिसके बाद जांचकर्ताओं ने ऐप और संबंधित ट्विटर हैंडल का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया।