महिम वर्मा को जांच में बचाने का लगाया आरोप
देहरादून। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की कथित वित्तीय अनियमितताओं और डराने-धमकाने के संबंध में जांच चल रही है। सीएयू सचिव के खिलाफ खिलाड़ियों के चयन के लिए कथित तौर पर बड़ी रकम की मांग और मारपीट की शिकायत दर्ज हुई थी। वहीं, अब इस मामले में नया मोड़ आया। शिकायतकर्ता देवेंद्र सेठी का आरोप है कि इस मामले में सीएयू सचिव महिम वर्मा को बचाया जा रहा है।
बता दें कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सचिव, प्रवक्ता, वीडियो एनालिसिस, कोच और सीनियर पुरुष क्रिकेट टीम के मैनेजर के खिलाफ वसंत विहार थाना में मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप है कि उत्तराखंड क्रिकेट टीम के सदस्य ने क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के सदस्यों पर 10 लाख रुपए की डिमांड व डिमांड पूरी ना करने पर करियर खत्म करने की धमकी दी है। मारपीट का मामला बीते साल दिसंबर माह का है और खिलाड़ी के पिता वीरेंद्र सेठी ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दी थी। अब लंबी जांच के बाद डीआईजी के आदेश पर वसंत विहार थाना पुलिस में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएयू के सचिव पर आरोप है कि जब पीड़ित खिलाड़ी के पिता ने एसोसिएशन से शिकायत की थी, तो उनसे रुपए की मांग भी की गई थी।
यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, 11 दिसंबर 2021 को उत्तराखंड क्रिकेट टीम राजकोट (गुजरात) में विजय हजारे ट्रॉफी में प्रतिभाग करने पहुंची थी। इस टीम में आर्य सेठी भी शामिल थे। आरोप है कि इस टूर्नामेंट के दौरान टीम के कोच मनीष झा ने आर्य सेठी के साथ मारपीट और गाली गलौज की। आर्य ने इसकी शिकायत सीएयू के सचिव महिम वर्मा से की। उन्होंने इस संबंध में टीम के मैनेजर नवनीत मिश्रा, कोच मनीष झा और वीडियो एनालिसिस पीयूष रघुवंशी से बात की। बात करने के बाद तीनों ने आर्य को एक कमरे में बुलाया और धमकी दी कि उसे गोली मरवा देंगे। जब इस संबंध में आर्य ने सीएयू सचिव से बात की तो उन्होंने कहा कि मामला सुलझाने के लिए 10 लाख रुपए देने पड़ेंगे, वरना आर्य का करियर बर्बाद कर देंगे।
जांच पर शिकायतकर्ता ने उठाए सवाल
क्रिकेटर आर्य सेठी के पिता वीरेंद्र सेठी का आरोप है कि वे छात्रों को परेशान कर उनसे जबरन वसूली कर रहे थे। उन्होंने खिड़ालियों से 10 लाख रुपये की मांग की। चयनकर्ताओं ने उनके बटे को परेशान किया और उसके बाद उससे मारपीट भी की। इस पूरे मामले में महिम वर्मा और सीएयू का गठजोड़ है। उन्होंने आशंका जताई है कि जांच में महिम वर्मा को जांच में बचाया जा रहा है। वहीं, इस मामले में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य रोहित चौहान का कहना है कि उन्हें भी मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली थी कि क्रिकेट संघ से जुड़े कुछ लोगों उन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। इस मामले की जांच चल रही है, जांच पूरी होनी पर इस मामले की सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।









