ग्रामीण ने उठाया सवाला कि हम लोकतंत्र का हिस्सा नहीं?
चकराता। देहरादून का जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र आज भी सड़क से नहीं जुड़ पाया है। इसकी कीमत वहां के लोगों को भारी परेशानी या फिर मौत से चुकानी पड़ती है। ऐसे में ही जौनसार बावर के उदांवा गांव का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें गांव के कुछ लोग मरीज को डंडी कंडी के सहारे मरीज को अस्पताल पहुंचाने की जद्दोजहद में लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, वीडियो उदांवा गांव के मुन्ना सिंह चौहान ने फेसबुक पर अपलोड किया और गांव को सड़क से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, चकराता विधायक प्रीतम सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान समेत कई जनप्रतिनिधियों को टेग किया है। उन्होंने वीडियो के साथ अपना दर्द बयां करते हुए जनप्रतिनिधियों से विनती भी की है। उन्होंने लिखा कि कैसे बयां करूं यह हालात हैं हमारे गांव ग्राम उदांवा खत भरम के, आज हमारे सियाणा के बेटे का स्वास्थ्य सही नहीं है और चलने में असमर्थ हैं। गांव वालों को उनको डंडी कंडी में उठाकर ले जाना पड़ रहा है। वहीं, पहली बार ऐसा नहीं हुआ है। पहले भी कई बीमार लोगों मरीजों को इस तरह से उठाकर 8 किमी दूर डंडी कंडी के सहारे ले जाना पड़ा है। ऐसे में हमारे गांव से कुछ लोगों का आधे रास्ते में भी निधन हुआ है, क्योंकि उदांवा में आज भी रोड नहीं है। हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि सरकार क्या हम इस लोकतंत्र का हिस्सा नहीं हैं। 1947 में देश आजाद हुआ और 2022 चल रहा है। लेकिन आज तक उदांवा गांव में रोड नहीं बन पाई है। जबकि, कई गांव सड़क से जुड़ चुके हैं, लेकिन हम नहीं जुड़ पाए हैं। इतने सालों से हम अपनी बात सरकार तक व शासन प्रशासन तक रख रहे हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
आगे उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में कहा था 2019 तक प्रत्येक गांव में रोड होनी चाहिए, उसके बदले कोई भी भाग लिया जाए और वहां जितने पेड़ काट रहे हैं, उतने लगाए जाएं। हम तो सब चीज के लिए तैयार हैं, जमीन देने को भी। लेकिन आज तक रोड क्यों नहीं बनी। मैं उत्तराखंड सरकार से एवं माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन करता हूं, हमारी रोड को लेकर त्वतरित कार्रवाई हो।







