देहरादून। एमजी मोटर इंडिया ने सस्टेेनेबिलिटी पर खास फोकस के साथ भारत में गतिशीलता के भविष्य को प्रदर्शित करते हुए, ऑटो एक्सपो 2023 में अपनी थर्ड-जेनरेशन की हाइड्रोजन फ्यूल-सेल टेक्नोलॉजी से चलने वाले न्यू एनर्जी व्हीकल्स (एनईवी) का प्रदर्शन किया। दुनिया का नेतृत्व कर रहा हाइड्रोजन फ्यूल-सेल सिस्टम पर्यावरण के अनुकूल और नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोतों पर आधारित है। यह स्वच्छ पर्यावरण में यूजर्स को सक्षम और बेहतरीन तरीके से यात्रा की सुविधा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त करता है।
हाइड्रोजन फ्यूल-सेल सिस्टम को सबसे पहले 2001 में फीनिक्स के नंबर 1 फ्यूल सेल व्हीकल प्रोजेक्ट के लिए लॉन्च किया गया था। अब नए तरीके से विकसित थर्ड-जनरेशन फ्यूल-सेल सिस्टम, जिसे प्रोम पी390 का नाम से जाना जाता है, कई अत्याधुनिक फीचर्स के साथ आता है। इन खूबियों में एकीकृत डिजाइन, उच्च ऊर्जा घनत्व, उच्च टिकाउपन और उच्च विश्वसनीयता के साथ मौसम के अनुकूल बेहतरीन ढंग से अपने को ढालने की क्षमता शामिल है। 92 किलोवॉट के सिस्टम पावर के साथ विश्व में अग्रणी फ्यूल-सेल टेक्नोलॉजी उच्च सुरक्षा के मानकों पर खरा उतरती है और सभी प्रमुख परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स पर बेहतर प्रदर्शन करती है, जिसमें आराम, ईंधन की बचत और सर्विस लाइफ शामिल है। प्रोम पी 390 का इंटेलिजेंट कंट्रोल एलॉगरिथम काफी तेज रेस्पॉन्स देता है और वाहन पर पूर्ण रूप से नियंत्रण रखता है। फ्यूल-सेल सिस्टम का इस्तेमाल फ्यूल सेल से चलने वाली यात्री कारों, सिटी बसों, मध्यम और भारी ट्रकों और दूसरे वाहन प्लेटफार्म में भी किया जा सकता है। एमजी मोटर इंडिया के प्रेसिडेंट और प्रबंध निदेशक राजीव छाबा ने कहा कि इधर कई सालों से एमजी मोटर को नवाचार का पर्यायवाची माना जाने लगा है। मानव केंद्रित टेक्नोलॉजीज और स्थाायित्व दोनों के संदर्भ में हलचल मचाने वाले मोबिलिटी सॉल्यूशन पेश करने के विजन के साथ हमने भारत में प्रवेश किया। अब जब इंडस्ट्री वैकल्पिक ऊर्जा तकनीक की खोज कर रही है। हम विश्व की प्रमुख हाइड्रोजन फ्यूल-सेल टेक्नो्लॉजी-प्रोम पी 390 को भारत में लाकर काफी प्रसन्न हैं। हाइड्रोजन को ईंधन के रूप में प्रयोग कर फ्यूल-सेल से चलने वाली गाड़ियों के कई लाभ हैं। जैसे यह प्रदूषण नहीं फैलाती, इसकी क्षमता काफी ज्यादा होती है, यह भारी लोड उठाने में सक्षम होती हैं और इनकी बैटरी लाइफ भी लंबी होती है। प्रोम पी390 सिस्टम ईयूएनआईक्यू 7 के साथ इन सभी मानकों पर बेहतरीन परफॉर्मेंस देने का वादा करता है। हाइड्रोजन फ्यूल-सेल से चलने वाले वाहन न केवल शून्य कार्बन उत्सर्जन करते हैं क्योंककि यह सिर्फ पानी छोड़ते हैं बल्कि यह एयर प्यूरिफायर की तरह काम करते हुए एक घंटे की ड्राइविंग में 150 व्यक्तियों के सांस लेने के बराबर हवा को शुद्ध करते हैं।








