हल्द्वानी। भोटिया पड़ाव क्षेत्र में देर शाम धार्मिक गुरु से मारपीट के मामले में पुलिस पर हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगा है। इसे लेकर एक पक्ष ने कोतवाली का घेराव करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
बता दें कि सोमवार शाम भोटिया पड़ाव चौकी क्षेत्र में शरणा कोठी के पास भवन में धार्मिक गतिविधि चल रही थी। आरोप है कि दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया और हंगामा शुरू कर दिया।
मौके पर पुलिस भी पहुंच गई, सिटीजिस्ट्रेट और नगर निगम की टीम भी आ गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने भवन स्वामी से जमीन के कागज, निर्माण की अनुमति दिखाने के लिए कहा। कागजात नहीं दिखाने पर भवन सील कर दिया। इस कार्रवाई से नाराज एक पक्ष ने धार्मिक गुरु से अभद्रता का आरोप लगाते हुए पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कोतवाली का घेराव कर दिया। आला पुलिस के अधिकारियों और धार्मिक गुरुओं के समझाने पर भी लोग नहीं माने। देर रात करीब दो बजे तहरीर पर मुकदमा दर्ज होने और आईजों के आश्वासन पर हंगामा शांत हुआ। इस मामले में देर रात आक्रोशित लोगों की तहरीर पर मनोज भट्ट के समेत 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इधर इस मामले में आज अधिवक्ता जफर सिद्दीकी और सपा नेता हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी कोतवाली पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस कार्यवाही पर असंतोष जाहिर किया। उनका कहना था कि इतना बड़ा मामला होने के बावजूद पुलिस ने हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इतना ही नहीं अभी तक पुलिस किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। चंद लोगों की वजह से शहर में अराजकता बढ़ती जा रही है। इनके प्रति पुलिस का रवैया भी उदासीन रहा है। जिसके चलते असमाजिक तत्वों के हौंसले बुलंद होते जा रहे हैं। इसे पुलिस की नाकामी ही कहेंगे कि प्रशासनिक अधिकारियों के सामने ही धर्म गुरू को सरेआम थप्पड़ जड़ दिया जाता है, बावजूद इसके पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। कहीं ऐसा न हो कि पुलिस प्रशासन की इसी लापरवाही के चलते किसी दिन शहर की फिजा बिगड़ जाए और हालात हाथ से निकल जाएं।








