क्रेडिट कार्ड लोन के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार

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देहरादून:देशभर में क्रेडिट कार्ड लोन के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का एसटीएफ उत्तराखंड ने भंडाफोड़ किया है।एसटीएफ द्वारा नयी मुहिम “उत्तराखण्ड को नहीं बनने देंगे जामतारा” के तहत जनपद हरिद्वार में साईबर ठगों के एक और कॉल सेन्टर का खुलासा किया है।
पुलिस कप्तान एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि बीते कुछ समय से देशभर में केडिट कार्ड के नाम पर फर्जी कॉल कर उनसे धोखाधड़ी किये जाने की घटनाओं को देखते हुए एस०टी०एफ०,उत्तराखण्ड द्वारा गृह मन्त्रालय के आई4सी के विभिन्न वेब पोर्टलो का अवलोकन करने पर पाया कि क्रेडिट कार्डस व अन्य माध्यमों से आम जन मानस को धोखा देकर आनॅलाईन ठगी कर लाखों रूपये हड़पने की 22 घटनाओं में जो गिरोह संलिप्त है,वो वर्तमान में जनपद हरिद्वार क्षेत्रार्न्तगत् थाना सिडकुल में सक्रिय है,इस पर उनके द्वारा अपनी एसटीएफ की टीम को इस गिरोह की गतिविधियों पर गहनता से जांच करने एवं इस गिरोह के सदस्यों को चिन्हित करते हुये ठोस कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।
उक्त जांच के दौरान एसटीएफ टीम द्वारा विभिन्न मोबाईल नम्बरों के डेटा का विश्लेषण किया गया साथ ही प्रकाश में आये संदिग्ध बैंक एकाउंट्स के लेन देन का विवरण चैक किया गया तो पाया कि इन संदिग्ध बैंक खातों में राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बंगाल और देशभर के अन्य राज्यों से अलग अलग लोंगो के बैंक एकाउन्ट से पैसा गिरोह के खातो में निरन्तर स्थानान्तरित किया जा रहा था।
इनके संदिग्ध खातो में पिछले कुछ महीनो में 70 लाख रूपये का लेन-देन पाया गया।इसके पश्चात इस गिरोह की सटीक जानकारी के लिये अपनी एसटीएफ टीम को थाना सिडकुल क्षेत्र में लगाया गया था, जिस पर कल देर शाम को सटीक सूचना पर एसटीएफ टीम द्वारा मोहल्ला रामनगर, ग्राम रावली महदूद थाना सिडकुल हरिद्वार में एक घर में छापा मारकर एक अभियुक्त विपिन पाल(उम्र26) पुत्र बृजपाल निवासी रामनगर रावली महदूद थाना सिड़कुल जनपद हरिद्वार मूल स्थायी पता ग्राम पिन्डोरा जहांगीरपुर थाना झिंझाना जिला शामली को गिरप्तार किया।
अभियुक्त के पास से एसटीएफ टीम को 06 मोबाईल फोन, 04 मोबाईल फोन के खाली डिब्बे, 01-कम्प्यूटर मोनिटर, 01-सीपीयू, 14 डेबिट कार्ड, 03 रजिस्टर व 01 आईसीआईसीआई बैंक की चैकबुक, 01 फीनो पेमेंट बैंक की पीओएस मशीन बरामद हुयी है।
एसएसपी एसटीएफ ने आगे बताया कि बताया कि पकड़ा गया अभियुक्त विपिन पाल हरिद्वार में वर्ष 2017 से रह रहा है, जो मूल रूप से ग्राम पिंडोरा जहाँगीरपुर थाना झिझांना जिला शामली उ०प्र० का रहने वाला है।वह10वीं पास है तथा पिछले कई सालों से केडिट कार्ड, इंश्योरेंस एवं विभिन्न लोन दिलाने के नाम पर फोन के माध्यम से काल कर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है।उसके साथ इस काम में 11 व्यक्ति एक गिरोह बनाकर ऑनलाइन ठगी का कार्य कर रहे थे।सभी को अलग अलग काम दिया गया था,जिसे विपिन पाल द्वारा ही संचालित किया जा रहा था तथा अन्य गिरोह के 03 सदस्यों जिनका कार्य ऐसा डाटा उपलब्ध कराना होता था जिनके साथ ठगी की जानी है,उन्होंने ने आगे बताया कि ये लोग क्रेडिट कार्ड आदि के नाम पर फर्जी बैंक कर्मचारी बन कर काल करते थे और उनसे क्रेडिट कार्ड जिसकी लिमिट 05 लाख रूपये तक बताकर उसे स्वीकृत किये जाने को लेकर प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर ठगी कर लेते थे। इसके अलावा लोगों को ठगने के लिये उनको फर्जी लिंक भेज कर उनका फोन हैक कर धनराशि को अपने पास मौजूद बैंक खातों में ट्रांसफर कर लेते है।उक्त गिरोह द्वारा फर्जी लिंक, बैंक खाते एवं फर्जी आई०डी० के सिम अन्य गिरोह के 03 व्यक्तियो द्वारा उपलब्ध कराया जाता था।अभियुक्त विपिन पाल द्वारा बताया गया है कि ठगी से प्राप्त धन से रामनगर रावली महदूद में ही अपने घर के पास ही एक दो मंजिला नया घर खरीदा गया है तथा फर्जी कॉल करने के लिये एक आफिस ब्रहमपुरी बाजार में खोला गया था जहां से कम्पयूटर, मोबाईल फोन, क्रेडिट कार्डस, लेन देन के रजिस्टर, फिनो की पीओएस मशीन, चैक बुक व अन्य सामान बरामद किया गया है। धोखाधड़ी के लिये उक्त गिरोह द्वारा एनक्सटी, जीपे, पेटीएम, पेजैप, नो ब्रोकर पे, फोन पे एप्प आदि फोन एपस् को इस्तेमाल किया जाता था। बरामद रजिस्टर के एक पेज में कॉल करने की स्किप्ट लिखी गयी है जिसमें लिखा गया है कि “हेलो सर आईसीआईसीआई बैंक केडिट कार्ड डिपार्टमेन्ट से नेहा शर्मा बात कर रही हूँ सर आईसीआइसीआई बैंक आपको फी आफॅ कॉस्ट कडिट कार्ड ऑफर कर रहा है। जिसकी लिमिट आपको 5 लाख तक प्रोवाइड की जाएगी सर, क्या आप इंटरेस्टेड हो. क्रेडिट कार्ड लेने के लिए के लिये।” इसके पश्चात सामने वाले व्यक्ति की सहमति पर उसे एक लिंक भेजा जाता और उसके फोन का सारा एक्सेस ले लिया जाता फिर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम दिया जाता था,एसटीएफ द्वारा गिरोह के अन्य लोगों की गिरप्तारी हेतु आगे की कार्यवाही की जा रही है।