कबाड़ियों को ब्लैकमेल कर उनसे जबरन कबाड़ खरीदने वाले माफिया ने बनाया गैंग

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पहले अपने ही आदमी से बिकवाते है समान थोड़ी देर बाद कैमरों से लैस होकर आता है गैंग फिर होती है डील

देहरादून। राजधानी देहरादून में एक कबाड़ माफिया ने एक गिरोह को सक्रिय किया है इस गिरोह में आधा दर्जन से अधिक लोग है गिरोह का काम शहर में कबाड़ियों को ब्लैकमेल कर उनसे उगाही करना एवं अपने आका को माल बेचने पर मजबूर किया जाता है। सूत्रों के अनुसार हरिद्वार बाईपास स्थित एक कबाड़ माफिया रातों रात कैसे करोड़पति बना तो आपको बता दे कि कबाड़ माफिया ने कई फर्जी जीएसटी फर्म बना रखी है जिस के जरिए भारत सरकार एवं राज्य सरकार से आईटीसी का लाभ लेकर करोड़ो का चुना लगाया जाता है दरअसल माल की कीमत कम होती है और बिल लाखों के काट कर उन्हें सिर्फ कागजों मै ही दर्शाया जाता है बाद में आईटीसी का लाभ लिया जाता है माल की पूर्ति के लिया कबाड़ माफिया ने एक गिरोह को भी संचालित किया है जिसका काम है शहर के छोटे मोटे कबाड़ियों के पास अपने गिरोह के आदमी को भेजकर उन्हें कुछ सामान बिकवाता है जैसे कोई मोटर, या अन्य कबाड़ का सामान उसके कुछ घंटों बाद ही पूरा गिरोह माइक आईडी लेकर कबाड़ी के गोदाम पर धावा बोल देते है और कहा जाता है कि तू चोरी का माल खरीद रहा है ऐसा कहकर उसको बताते है कि जो अभी समान बेचकर गया वो चोर था अब तेरी खबर हम न्यूज पर चलाएंगे साथ ही पुलिस को बुलाकर तुझे जेल कराएंगे ऐसे डरा धमकाकर उसको ब्लैकमेल किया जाता है तभी इन ब्लैकमेलरों का आका कबाड़ माफिया उस पीड़ित कबाड़ी के संपर्क में आता है जिसको हरिद्वार बाईपास पर बने माफिया के गोदाम में बुलाया जाता है जहां गैंग और। पीड़ित कबाड़ी से डील कर 40 से 50 हजार रुपए ब्लैकमेलरों को दिलवा दिए जाते है साथ ही चेतावनी दी जाती है कि आज से जो भी कबाड़ का माल होगा वह कबाड़ माफिया को ही बेचा जाएगा वरना कभी भी तेरी वीडियो को वायरल किया जाएगा और तुझे जेल भिजवा दिया जाएगा गैंग मै शामिल युवतियों को भी किया गया अगर कोई कबाड़ी इनपर भारी पड़े तो उसपर इल्ज़ाम ये भी लगाया जाता है कि इसने छेड़छाड़ की है फिलहाल गैंग प्रेमनगर, सेलाकुई, सहसपुर देहात के क्षेत्रों में सक्रिय है जल्द ही वीडियो के साथ खुलासा होगा फिलहाल जांच के बाद ही पूरा सच सामने आएगा।