साइबर अपराध पीड़ितों को त्वरित राहत: उत्तराखण्ड में शुरू हुई ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था
1930 हेल्पलाइन की शिकायतें अब सीधे दर्ज होंगी ई-जीरो एफआईआर में, अमित शाह ने किया शुभारंभ
साइबर अपराध पीड़ितों को त्वरित राहत: उत्तराखण्ड में शुरू हुई ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था
हरिद्वार-केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड में ई जीरो एफआईआर प्रणाली का भी शुभारंभ किया। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के अंतर्गत शुरू की जा रही ई-जीरो एफआईआर प्रणाली विशेष रूप से एक लाख से अधिक की वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को त्वरित सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित की गई है। अब 1930 हेल्पलाइन या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त शिकायतें, देहरादून स्थित राज्य साइबर पुलिस स्टेशन में ई-जीरो एफआईआर के रूप में पंजीकृत होंगी और तत्पश्चात सीसीटीएनएस के माध्यम से संबंधित थाने को तत्काल प्रेषित की जाएंगी।
इससे पुलिस को गोल्डन ऑवर में तुरंत कार्रवाई करने, साक्ष्य संकलन प्रारम्भ करने तथा संदिग्ध लेन-देन को फ्रीज़ करने में सहायता मिलेगी, जिससे ठगे गए धन की अधिक से अधिक रिकवरी की संभावना बढ़ेगी।










