देहरादून। विजय कॉलोनी मलिन बस्ती क्षेत्र की रहने वाली कुमारी दृष्टि ने कभी दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण उसके आगे की शिक्षा का सपना अधूरा रह गया था। लेकिन एक शिक्षिका की प्रेरणा और मार्गदर्शन ने उसकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
डीएवी इंटर कॉलेज की अध्यापिका डॉ. बबीता सहोत्रा जब मलिन बस्ती क्षेत्र में बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित करने पहुंची थीं, तभी उनकी मुलाकात दृष्टि की माता भानु से हुई। बातचीत के दौरान उन्हें पता चला कि दृष्टि ने दसवीं पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। इसके बाद डॉ. सहोत्रा स्वयं उनके घर पहुंचीं और दृष्टि से विस्तार से बातचीत की। उन्होंने उसे शिक्षा का महत्व समझाया और आगे पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. बबीता सहोत्रा के प्रयासों से दृष्टि का डीएवी इंटर कॉलेज में निजी छात्रा के रूप में कक्षा 11 में प्रवेश कराया गया। दृष्टि ने मेहनत और लगन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी। वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट परीक्षा में उसने दूसरी श्रेणी में सफलता प्राप्त कर अपनी मेहनत का प्रमाण दिया।
गुरुवार को दृष्टि अपने पिता के साथ डीएवी इंटर कॉलेज पहुंची, जहां डॉ. बबीता सहोत्रा ने उसे इंटरमीडिएट की अंकतालिका प्रदान की। इस अवसर पर दृष्टि और उसके परिवार की खुशी देखते ही बन रही थी। परिवार ने डॉ. सहोत्रा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा और सहयोग के बिना यह सफलता संभव नहीं थी।
डॉ. बबीता सहोत्रा ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो किसी भी बच्चे के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सक्षम लोग आगे बढ़कर ऐसे बच्चों का मार्गदर्शन करें तो अनेक प्रतिभाएं नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं।
दृष्टि की सफलता अब मलिन बस्ती के अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उसकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि सही समय पर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिल जाए तो परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, सफलता हासिल की जा सकती है।










