आईआईटी रुड़की ने गौरव,नवाचार और विकसित भारत @2047 के संकल्प के साथ मनाया स्वतंत्रता दिवस,निदेशक ने नवाचार-आधारित राष्ट्र निर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता का किया आह्वान

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आईआईटी रुड़की ने गौरव,नवाचार और विकसित भारत @2047 के संकल्प के साथ मनाया स्वतंत्रता दिवस,निदेशक ने नवाचार-आधारित राष्ट्र निर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता का किया आह्वान
रुड़की।आईआईटी रुड़की ने देशभक्ति के उत्साह और विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण के प्रति नए संकल्प के साथ 80-वां स्वतंत्रता दिवस मनाया।समारोह प्रतिष्ठित जेम्स थॉमसन बिल्डिंग के सामने आयोजित किया गया,जिसमें संकाय सदस्यों,अधिकारियों, कर्मचारियों,छात्रों,पूर्व छात्रों,स्कूली बच्चों और उनके परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो०कमल किशोर पंत के आगमन से हुई,जिन्होंने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया,इसके बाद राष्ट्रगीत का गायन और निदेशक द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया,जिसके साथ राष्ट्रगान हुआ।तत्पश्चात संस्थान के कुलगीत “जयति जयति विद्या संस्थान” का गायन किया गया,जिसने समारोह में देशभक्ति,राष्ट्रीय गौरव और सामूहिक जुड़ाव की सशक्त भावना का संचार किया।आईआईटी रुड़की के उपनिदेशक प्रो०प्रवीण कुमार ने कहा कि “विकसित भारत @2047 की दिशा में भारत की प्रगति ज्ञान,नवाचार और सहयोगात्मक कार्रवाई से निर्धारित होगी।आईआईटी रुड़की ऐसे वातावरण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है,जहाँ शैक्षणिक उत्कृष्टता,प्रभावशाली अनुसंधान,उद्यमिता और सामाजिक सहभागिता एक साथ मिलकर देश के विकास के लिए भविष्य के लिए तैयार नेतृत्व और टिकाऊ समाधान विकसित करें।समारोह में संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों कुलसचिव,अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष,संकाय सदस्य,अधिकारी,कर्मचारी और आईआईटी रुड़की समुदाय के सदस्य शामिल थे,की गरिमामयी उपस्थिति रही।यह उपस्थिति उस सामूहिक भावना को दर्शाती है,जो संस्थान की विरासत की पहचान रही है।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो०कमल किशोर पंत ने भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और शिक्षा,अनुसंधान,नवाचार एवं प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के प्रति संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।प्रो०पंत ने कहा कि “भारत की स्वतंत्रता के 80 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों का सम्मान करते हैं और एक मजबूत,आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के प्रति अपनी सामूहिक जिम्मेदारी पर विचार करते हैं।आईआईटी रुड़की ज्ञान को आगे बढ़ाने और अनुसंधान को नवीन प्रौद्योगिकियों तथा ऐसे समाधानों में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबद्ध है,जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को संबोधित करें और हमारे लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाएँ।शिक्षा में उत्कृष्टता,अत्याधुनिक अनुसंधान, उद्यमिता और मजबूत उद्योग साझेदारियों के माध्यम से हम भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं का विकास कर रहे हैं और विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण में योगदान दे रहे हैं।उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर,क्वांटम प्रौद्योगिकियों,सतत ऊर्जा,स्वास्थ्य सेवा,उन्नत विनिर्माण, आपदा लचीलापन और महत्वपूर्ण खनिजों सहित रणनीतिक एवं उभरते क्षेत्रों में आईआईटी रुड़की के बढ़ते योगदान को रेखांकित किया।उन्होंने संस्थान के सशक्त स्टार्ट-अप और डीप-टेक इकोसिस्टम पर भी जोर दिया,जो अनुसंधान को प्रभावशाली प्रौद्योगिकियों,उद्यमों और समाज के लिए उपयोगी समाधानों में परिवर्तित करने में सक्षम बना रहा है।प्रो०पंत ने संकाय सदस्यों,छात्रों,अधिकारियों,कर्मचारियों,पूर्व छात्रों और संस्थागत साझेदारों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की,जिनकी प्रतिबद्धता और योगदान आईआईटी रुड़की की राष्ट्रीय और वैश्विक प्रतिष्ठा को निरंतर मजबूत कर रहे हैं।उन्होंने छात्रों से बड़े सपने देखने,निडर होकर नवाचार करने और अपने ज्ञान,कौशल एवं चरित्र का उपयोग जिम्मेदार राष्ट्र निर्माताओं के रूप में करने का आह्वान किया।उन्होंने छात्रों को याद दिलाया कि कल का भारत आज के युवाओं के निर्णयों,साहस और योगदान से आकार लेगा।उन्होंने आईआईटी रुड़की समुदाय से नवाचार,जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा की भावना को अपनाने तथा एक समृद्ध,समावेशी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।समारोह में एबीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल,अनुष्रुति अकादमी फॉर द डेफ और आईआईटी रुड़की की कल्चरल सोसाइटी के छात्रों द्वारा जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं।इन प्रस्तुतियों में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत,विविधता में एकता और स्वतंत्रता के मूल्यों को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया। दिन के देशभक्तिपूर्ण उत्साह को और बढ़ाते हुए,थिंक इंडिया,आईआईटी रुड़की द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा में छात्रों,संकाय सदस्यों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।यह यात्रा संस्थान समुदाय के उस सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनी,जिसके माध्यम से ज्ञान,नवाचार और जिम्मेदार नागरिकता के जरिए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन और संविधान के आदर्शों को बनाए रखने तथा उत्कृष्टता, सत्यनिष्ठा,समावेशिता और नवाचार की दिशा में निरंतर कार्य करने की सामूहिक शपथ के साथ हुआ।जैसे-जैसे भारत विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण की ओर आगे बढ़ रहा है,आईआईटी रुड़की ने परिवर्तनकारी शिक्षा,अग्रणी अनुसंधान,तकनीकी नवाचार और सामाजिक प्रभाव के माध्यम से राष्ट्र की सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।