देसी हल का पूजन कर मनाई भगवान बलराम जयंती
किसानों की समस्याओं को लेकर 23 सितंबर को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन की अपील
लक्सर। भारतीय किसान संघ उत्तराखंड की ओर से गुरुवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष षष्ठी के अवसर पर भगवान बलराम जयंती किसान दिवस पखवाड़े के तहत लक्सर तहसील के गांव अकोढ़ा खुर्द में देसी हल का विधि-विधान से पूजन किया गया। कार्यकर्ताओं ने हल पर हल्दी, चावल और रोली का तिलक लगाकर पुष्प व जल अर्पित किए। इस दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर 23 सितंबर को हरिद्वार जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की गई।
कार्यक्रम का आयोजन जिला मंत्री डॉ. आजाद सिंह और विकासखंड अध्यक्ष लक्सर गोरख सिंह के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर संगठन मंत्री उत्तराखंड सुकर्म पाल राणा ने कहा कि भगवान बलराम कृषि और किसानों के परिश्रम के प्रतीक हैं। किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन वर्तमान में किसानों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों का किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। जंगली पशुओं से फसल को होने वाले नुकसान का भी मुआवजा किसानों को मिलना चाहिए। किसान सम्मान निधि की राशि छह हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये वार्षिक करने की मांग भी उठाई गई।
सुकर्म पाल राणा ने कहा कि फार्मर आइडी बनवाने के लिए किसानों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। किसान सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने मांग की कि चीनी मिलों को अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में चालू किया जाए और मिलों के संचालन से पहले गन्ने का मूल्य घोषित किया जाए।
उन्होंने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा भी उठाया। कहा कि इकबालपुर चीनी मिल पर वर्ष 2018 से किसानों का करोड़ों रुपये का भुगतान बकाया है। किसानों को बकाया गन्ना भुगतान ब्याज सहित दिलाया जाए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी नलकूपों के लिए बिजली निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की गई।
भारतीय किसान संघ ने जमीन अधिग्रहण के मामलों में किसानों को बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजा देने की मांग की। संगठन ने किसानों की लागत और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी।
कार्यक्रम में किसानों और कार्यकर्ताओं ने भगवान बलराम के जयकारे लगाए तथा किसानों के हितों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। संगठन पदाधिकारियों ने किसानों से 23 सितंबर को हरिद्वार जिला मुख्यालय पर होने वाले धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
इस अवसर पर श्रीमती मुकेश देवी, श्रीमती महेंद्र देवी, श्रीमती कोमल देवी, कुमारी शिवानी, सुखबीर सिंह, अनिकेत, नितिन, जितेंद्र, शुभम, दीपक, अमित, सुमित, मोहित कुमार, राजकुमार लंबरदार सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।










