मुख्यमंत्री धामी ने विजेता जनपद को सौंपी मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी, पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी दी
देहरादून। उत्तराखण्ड में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित खेल महाकुम्भ-2026 का रविवार को मिनी स्टेडियम, ननूरखेड़ा में भव्य समापन हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समापन समारोह में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के विजेता जनपद देहरादून को ट्रॉफी के साथ पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने meroyuva.in पोर्टल का विमोचन भी किया। समारोह में मलखम्ब और आर्टिस्टिक योग के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया।
मुख्यमंत्री ने विजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड अब देवभूमि के साथ खेल भूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनसे युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, संघर्ष और टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि एक सितंबर को चम्पावत के टनकपुर से शुरू हुआ खेल महाकुम्भ न्याय पंचायत, विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर से होते हुए राज्य स्तर तक पहुंचा। इसमें प्रदेशभर के खिलाड़ियों ने उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतिभाग किया।
खेल महाकुम्भ में बढ़ी खिलाड़ियों की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में शुरू किए गए खेल महाकुम्भ का उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाना और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना था। पिछले वर्ष इस आयोजन में करीब 2.20 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 3.35 लाख से अधिक हो गई है। खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि खेल महाकुम्भ प्रदेश में खेलों के प्रति जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत 32 प्रतियोगिताएं प्रदेश की 662 न्याय पंचायतों, सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर पर आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में सांसदों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी की और विभिन्न स्तरों पर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
खिलाड़ियों को मिलेंगे 11.30 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों और अवसरों के अभाव में पीछे न रहें। इसी उद्देश्य से न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए जा रहे हैं। इस वर्ष करीब 11 करोड़ 30 लाख रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले पात्र खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के तहत सीधी भर्ती के पदों में चार प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का भी निर्णय लिया है। इससे खिलाड़ियों को खेल के साथ रोजगार के बेहतर अवसर भी मिल सकेंगे।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे अभियानों से देश में खेलों के प्रति नई जागरूकता आई है। राज्य सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष उत्तराखण्ड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया था। खेल महाकुम्भ से उभरने वाली प्रतिभाएं भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आयोजन की सफलता के लिए युवा कल्याण एवं खेल विभाग, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, प्रांतीय रक्षक दल के जवानों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, शिक्षकों और अभिभावकों का आभार जताया।
समारोह में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, उत्तराखण्ड युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनोद सुयाल एवं कुन्दन सिंह लटवाल, विशेष प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा तथा युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल की निदेशक दीप्ति सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।













