सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में सोमवार को हुई बैठक के दौरान ही त्रिवेंद्र सिंह रावत को पद से इस्तीफा देने का निर्देश दे दिया गया था। केंद्रीय नेताओं के बेहद करीबी त्रिवेंद्र सिंह रावत से पार्टी के मंत्री, विधायक और पार्टी कार्यकर्ता काफी नाराज चल रहे थे। उन पर पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करने और नौकरशाहों के जाल में फंसने के आरोप लगाए जाते रहे थे।
सियासी भूचाल के बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत अब से कुछ देर में इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं. उत्तराखंड में अगर त्रिवेंद्र सिंह रावत की छुट्टी होती है, तो किसे मुख्यमंत्री बनाया जाएगा इसपर भी चर्चा आम है. इनमें कई नाम सामने आ रहे हैं, जिन्हें ये जिम्मेदारी मिल सकती है. इनमें मंत्री धनसिंह रावत, मंत्री सतपाल महाराज, सांसद अजट भट्ट, सांसद अनिल बलूनी का नाम सुर्खियों में है.
हालांकि मुख्यमंत्री बनने की लालसा रखने वाले सतपाल महाराज भी इस दौड़ में बताए जा रहे हैं। उत्तराखंड के एक वर्ग पर उनकी पकड़ भी मजबूत बताई जाती है। लेकिन उनकी कांग्रेसी पृष्ठभूमि उनकी राह में बाधा बन सकती है। जबकि अनिल बलूनी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का विश्वास प्राप्त है, लेकिन पार्टी दिल्ली में उनकी बड़ी भूमिका देखती है।









