धामी सरकार के सौ दिन, जानें सरकार के अहम फैसले

227

देहरादून। धामी सरकार के इन 100 दिनों के कामकाज का लेखा-जोखा देखें तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई बड़े फैसले लिए हैं। वहीं, सरकार के 100 दिन पूरे होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद भी सभी मंत्रियों के मंत्रालयों के रिपोर्ट कार्ड देखेंगे और उसकी समीक्षा करेंगे। हालांकि, किसी भी सरकार को 100 दिन में जज कर पाना मुश्किल होता है, लेकिन फिर भी ये जानना बेहद जरूरी है कि सरकार की दिशा और दशा इन 100 दिनों में कैसी रही।
पुष्कर सिंह धामी ने 27 मार्च 2022 को बतौर मुख्यमंत्री अपना पदभार ग्रहण किया था। हालांकि, उस समय पुष्कर सिंह धामी के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाना कांटों भरे ताज से कम नहीं था। क्योंकि, मुख्यमंत्री होते हुए भी वो खटीमा से चुनाव हार गए थे, फिर भी पार्टी ने पुष्कर सिंह धामी पर भरोसा किया और उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज किया। मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठते ही सीएम पुष्कर सिंह धामी के सामने सबसे बड़ी चुनौती उपचुनाव जीतकर सरकार और अपनी लाज बचाना था। पार्टी ने तय किया कि मुख्यमंत्री धामी को चंपावत से उपचुनाव लड़ाया जाएगा। चंपावत उपचुनाव में न सिर्फ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीत दर्ज की, बल्कि रिकॉर्ड भी बनाया। अब बात करते हैं कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उन वादों की जो उन्होंने चुनावों में प्रदेश की जनता से किए थे। पावत उपचुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता को ये मैसेज देने की पूरी कोशिश की कि बीजेपी ने मेनिफेस्टो में जिन घोषणाओं का जिक्र किया है, उन पर सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है। 100 दिनों के अंदर ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता को न केवल कैबिनेट में मंजूरी दी, बल्कि इस पर कमेठी का गठन भी किया। बता दें कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने की घोषणा की थी। .इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कर्मचारियों का भत्ता बढ़ाया। वहीं, समाज कल्याण विभाग से जारी होने वाली पेंशन की राशि भी बढ़ाई गई। इसके साथ ही शिक्षामित्रों का मानदेय भी 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार किया गया। इन घोषणाओं को पूरा करके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा और जनता को मैसेज दिया कि बीजेपी की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। चंपावत उपचुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता को ये मैसेज देने की पूरी कोशिश की कि बीजेपी ने मेनिफेस्टो में जिन घोषणाओं का जिक्र किया है, उन पर सरकार ने काम करना शुरू कर दिया है। 100 दिनों के अंदर ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता  को न केवल कैबिनेट में मंजूरी दी, बल्कि इस पर कमेठी का गठन भी किया। बता दें कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने की घोषणा की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कर्मचारियों का भत्ता बढ़ाया। वहीं, समाज कल्याण विभाग से जारी होने वाली पेंशन की राशि भी बढ़ाई गई। इसके साथ ही शिक्षामित्रों का मानदेय भी 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार किया गया। इन घोषणाओं को पूरा करके मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा और जनता को मैसेज दिया कि बीजेपी की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। इन सभी घोषणाओं के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना वो वादा भी पूरा किया, जिसमें उन्होंने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को हर साल तीन सिलेंडर देने की बात कही थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस घोषणा को भी जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा। इसके साथ ही इन 100 दिनों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई ऐसे फैसले लिए, जिनका असर आने वाले दिनों में दिखाई देगा।