5 करोड़ से होगी मरमत

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एएसआई ने अपना अध्ययन करने के बाद जो रिपोर्ट दी है उसमें कहा गया है कि इन दरारों को भरने और मरम्मत के लिए लगभग 5 करोड़ रुपए का खर्च आएगा, लिहाजा शासन जल्द ही 5 करोड़ रुपए रिलीज कर इन दरारों को भरने का काम शुरू करवाने जा रहा है। इसके साथ ही मंदिर को भविष्य में कोई दिक्कत ना हो इसके लिए भी प्लानिंग अलग से की जा रही है। एएसआई के 5 सदस्यों की टीम इस पूरे मामले को देख रही है। जल्द ही एक्सपर्ट्स की टीम पहुंचकर बदरीनाथ मंदिर में आई दरारों को भरने का काम करेगी। केदारनाथ के बाद बदरीनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण तेजी से हो रहा है। बदरीनाथ मंदिर के आसपास बनी इमारतों को ध्वस्त करके दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बदरीनाथ मास्टर प्लान को लेकर बेहद गंभीर हैं। यही कारण है कि लगातार पीएम मोदी बदरीनाथ मंदिर में हो रहे पुनर्निर्माण के कामों की जांच कराते रहते हैं। लिहाजा, दरार आने के बाद पीएमओ ने भी इस बात का संज्ञान लिया है। बताया जा रहा है कि बदरीनाथ के पुनर्निर्माण के काम के साथ ही एक महत्वपूर्ण काम बदरीनाथ में और होने जा रहा है, ताकि भविष्य में बदरीनाथ मंदिर को किसी भी तरह की आपदा का शिकार ना होना पड़े। बदरीनाथ मंदिर के ठीक पीछे ग्लेशियरों और पहाड़ों से कोई नुकसान न हो इसके लिए एक बड़ी सेफ्टी वॉल भी तैयार की जा रही है। इस सेफ्टी वॉल का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। जिस वक्त उत्तराखंड उत्तर प्रदेश का हिस्सा हुआ करता था उस वक्त बदरीनाथ मंदिर को ग्लेशियरों से बचाने के लिए बदरीनाथ मंदिर के ठीक पीछे पहाड़ी नुमा टीले बनाए गए थे, ताकि बर्फबारी के दौरान मंदिर को किसी से कोई नुकसान न हो।