देहरादून। चंद्र ग्रहण की वजह से उत्तराखंड में बदरीनाथ, सहित कई मंदिर बंद हो गए हैं। बदरीनाथ एवं समीपवर्ती अधीनस्थ मंदिर चंद्रग्रहण के दौरान 8 नवंबर को सुबह से ही बंद हो गये हैं। श्री बदरीनाथ मंदिर सहित मां लक्ष्मी मंदिर, मातामूर्ति मंदिर, आदिकेदारेश्वर मंदिर, श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ, वासुदेव मंदिर, दुर्गा मंदिर,योग बदरी पांडुकेश्वर, ध्यान बदरी उर्गम, भविष्य बदरी मंदिर सुभाई आदि मंदिरों के कपाट बंद हो गए हैं
चंद्र-ग्रहण को एक विशेष खगोलीय घटना माना जाता है वहां चंद्रमा को मन का कारक मानते हुए इसके व्यापक प्रभाव की बात ज्योतिषविद कहते हैं। विद्वानों के अनुसार, 8 नवंबर मंगलवार का ग्रहण भी इसी तरह है। इस चंद्रग्रहण का सूतक 8 नवंबर की सुबह 8. 29 बजे से लग गया।कार्तिक मास में ही यह दूसरा ग्रहण 15 दिन के अंतराल में है। दिवाली पर सूर्यग्रहण का साया रहा। 25 अक्तूबर को सूर्यग्रहण के कारण दिवाली के पांच पर्वों की श्रृंखला में ब्रेक हुआ था। दिवाली से अगले दिन होने वाला गोवर्धन 26 अक्तूबर को हुआ था।तीर्थनगरी ऋषिकेश में मंगलवार सुबह 8.15 चंद्र ग्रहण का सूतक लगने के बाद सभी मठ मंदिरों के कपाट बंद हो गए। अब कपाट शाम 6रू25 पर खुलेंगे। वहीं, गंगा में डुबकी लगाने वाले लोगों के भी भीड़ रही। इस दौरान लोग चंद्र ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए भजन कीर्तन में लीन रहे।








