स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय धर्मावाला के द्वारा स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई

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स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय धर्मावाला के द्वारा स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एस.जी.आर.आर. इंटर कॉलेज सहसपुर देहरादून के प्रधानाचार्य डॉ रविंद्र कुमार सैनी ने कहा स्वामी विवेकानंद की जन्म जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है जिसे न सिर्फ भारत अपितु विश्व के युवाओं ने भी स्वीकार किया है। डॉ. सैनी ने इस अवसर पर कहा कि स्वामी विवेकानंद के दिए हुए संदेश नर सेवा नारायण सेवा के द्वारा ही मानव समाज की सेवा करते हुए भारत को विश्व गुरु बनाया जा सकता है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि भारत माता की सच्ची सेवा दलित वंचित निर्धनों की सेवा करके ही की जा सकती है। डॉ. सैनी ने इस अवसर पर कहा कि आज स्वामी विवेकानंद के उस सपने को साकार करना है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को पुनः विश्व गुरु बनाना है। आज हम भारतवासियों को स्वामी विवेकानंद के विचारों आदर्शों और प्रेरणा लेते हुए भारत को एक शांतिप्रिय विकसित राष्ट्र व विश्व गुरु बनाने का संकल्प लेना चाहिए। डॉ. सैनी ने कहा कि हिंदुस्तान के बारे में स्वामी विवेकानंद का सपना शिक्षित भारत का सपना था जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा साकार किया जा रहा है तथा स्वामी विवेकानंद ने गुलामी से मुक्ति का आह्वान किया था। आज हमें विदेशी सभ्यता और संस्कृति को परित्याग करके अपनी भारतीय संस्कृति को अपनाना चाहिए। हमें स्वामी विवेकानंद के बताए हुए रास्ते पर चलते हुए आपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए अपनी सभ्यता और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। स्वामी विवेकानंद का सपना राष्ट्र को एकता और एकजुटता के सूत्र में बांधना था। हम सबको अपने मतभेद भुलाकर राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हुए अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए ।इस अवसर पर डॉ. सैनी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन के अनेक प्रेरक प्रसंग को श्रोताओं के सामने रखा।
इस पावन दिवस पर हॉस्पिटल स्टाफ द्वारा समूह गान, स्वामी विवेकानन्द जी के अमृत वचन एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । जयंती के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी चिकित्सालय द्वारा जनसंपर्क अभियान चलाया गया एवं 16 गाँव के 732 परिवारों से संपर्क कर चिकित्सालय की सुविधाओं के बारे में जानकारी भी दी गयी एवं फीडबैक भी लिया गया । कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. विनोद गुप्ता (वरिष्ठ गुदा रोग विशेषज्ञ) जी ने इस अवसर पर बताया की स्वामी विवेकानन्द जी का नाम भर लेने से स्वाभाविक चेतना जागृत पैदा हो जाती है । इस अवसर पर सोसाइटी के सचिव डॉ. अनुज सिंघल जी, डॉ. ताराश्री सिंघल जी एवं चिकित्सालय के समस्त डॉक्टर एवं स्टाफ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान किया ।