हरिद्वार के मुस्लिम फंड प्रकरण में तीन आरोपी गिरफ्तार करोड़ों रुपये लेकर हो गए थे फरार

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100 करोड़ के लालच में गंवाए मुस्लिम फंड के पैसे
हरिद्वार। कबीर म्युचल बैनिफिट लिमिटेड ( मुस्लिम फंड) के हजारों खाता धारकों के करोड़ों रुपये लेकर फरार होने वाले आरोपियों में से ज्वालापुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, बाकि आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
मुस्लिम फंड का पैसा लेकर फरार होने के मामले में थाना ज्वालापुर में मुकदमा दर्ज कर जांच की गई तो जांच में पाया गया कि मुस्लिम फण्ड वर्ष 1998 से संचालित किया जा रहा था जिसे वर्ष 2020 में कबीर म्युचल बैनिफिट लिमिटेड के रुप में कार्पोरेट मंत्रालय से मान्यता प्राप्त कराया गया। तथाकथित बैंक में 13382 एक्टिव खाते पाये गये, जिनमें 8716 खातों में 500 रुपये से कम धनराशि होना पाया गया। खाताधारकों की कुल करीब 7.5 करोड धनराशि बैंक में निहित होना पाया गया जिसमें से करीब 1.5 करोड रुपये धनराशि आरोपी अब्दुल रज्जाक ने लोगों का सोना गिरवी रखकर उन्हें 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर देना पाया गया। विवेचना के दौरान आरोपी अब्दुल रज्जाक उसके परिवार व उसके संदिग्ध सहयोगियों के 23 बैंक खाते फ्रीज किये जा चुके हैं इसके अलावा इनके द्वारा अर्जित चल अचल सम्पत्ति का विवरण जुटाया जा रहा है । विवेचना के दौरान पाया गया कि मुस्लिम फण्ड में जमा धनराशि जो कि लोग बगैर ब्याज लिये जमा करा रहे थे को आरोपी अब्दुल रज्जाक व उसके साथी प्रोपर्टी की खरीद फरोख्त कर उससे अपने निजी हित में लाभ अर्जित कर रहे थे ।
मुकदमा में फरार आरोपी अब्दुल रज्जाक को पुलिस टीम ने हरिद्वार से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के पश्चात आरोपी ने बताया गया कि वह वर्ष 2013 से मुस्लिम फण्ड में जमा कराये गयी रकम को अपने साथियों नसीम उर्फ मुन्ना पुत्र जिन्दे हसन निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर हरिद्वार व मशरूर पुत्र इरसाद अली निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर हरिद्वार के सहयोग से ज्वालापुर के आस-पास प्रोपर्टी की खरीद फरोख्त कर खासा लाभ अर्जित कर रहा था। इस दौरान अब्दुल रज्जाक को अपने उपरोक्त दोनों साथियों पर विश्वास हो गया साथ ही नसीम उर्फ मुन्ना व मशरूर को भी अब्दुल रज्जाक के पास मुस्लिम फण्ड में अच्छी खासी धनराशि जमा होने की बात पता लग गयी जिससे वह हमेशा मोटी रकम कमाने के लिए लालायित रहता था ।
वर्ष 2020 में मशरूर व नसीम उर्फ मुन्ना ने अब्दुल रज्जाक को बताया कि उनकी पहचान सम्भल निवासी अन्सार नाम के व्यक्ति से है जिसका साथी साजिद मुम्बई में रहता है साजिद का कोई जानने वाला लन्दन में रहता है जो अपने 100 करोड के काले धन को किसी पंजीकृत संस्था को दान देकर सफेद कराना चाहता है। संस्था में ने धनराशि आने के बाद 80 करोड रुपये उसे वापस करने होंगे व 20 करोड रुपये हमें मिल जायेंगे, जिससे लगभग 8-10 करोड़ का स्कूल आदि खोलकर हम कुछ सामाजिक कार्य कर लेंगे बाकि 8-10 करोड रुपये आपस में बांट लेंगे । “अब्दुल रज्जाक की आँखो पर लालच की पट्टी बंधी थी वह इस योजना के लिए तुरन्त तैयार हो गया।”
मशरूर व नसीम उर्फ मुन्ना ने अब्दुल रज्जाक की मुलाकात सम्भल में अन्सार से व दिल्ली के रेडीसन होटल में साजिद से करवायी। इस दौरान साजिद से मिलाने के लिए मशरूर व नसीम उर्फ मुन्ना अब्दुल रज्जाक को लेकर मुम्बई व चेन्नई भी गये। साजिद ने उपरोक्त धनराशि दिलवाने के एवज में अब्दुल रज्जाक से अलग अलग किस्तों में 3.5 करोड रुपये साजिद के खातों में व नगद के रुप में दे दिये थे। इस धनराशि को देने के लिए अब्दुल रज्जाक ने मुस्लिम फण्ड के 4 करोड में खरीदे गये फ्लाट को 2 करोड में बेच दिया व शेष 1.5 करोड रुपये की धनराशि मुस्लिम फण्ड के खाते से ली। कुछ दिन बाद साजिद का मोबाइल नम्बर बन्द आने लगा तो मशरूर व नसीम उर्फ मुन्ना व अन्सार उसे लगातार उसका पैसा न डूबने का भरोसा दिलाते रहे व पैसा न मिलने पर अन्सार के द्वारा लोनी गाजियाबाद में 25 बीघा भूमि का एग्रिमेन्ट उसके नाम करने का आश्वासन देते रहे ।
इधर नसीम उर्फ मुन्ना व मशरूर से जब अन्सार से 3.5 करोड रुपये वापस दिलवाने के लिये कहा तो नसीम उर्फ मुन्ना व मशरूर, अब्दुल रज्जाक को 18 जनवरी को गाजियाबाद लोनी स्थित एक जगह पर ले गये जहां अन्सार ने अपने आदमियों को भी भेजा था व एक जमीन दिखाकर अब्दुल रज्जाक से कहा गया कि यह 25 बीघा जमीन अन्सार ने 4.5 करोड रुपये देकर अपने नाम एग्रीमेन्ट करा रखी है तुम भूस्वामी को 2 करोड देकर पूरी जमीन अपने नाम करा सकते हो परन्तु मौके पर मात्र 3-4 बीघा जमीन ही थी बाकी पर प्लाटिंग हो रखी थी। उस दिन अब्बास को महसूस हुआ कि अन्सार व नसीम उर्फ मुन्ना उसका पैसा ठिकाने लगा चुके हैं जिसकी भरपायी मुश्किल नेद्वारा अब्दुल रज्जाक के बयानों के आधार पर नसीम उर्फ मुन्ना व मशरूर की भी गिरफ्तारी कर ली गई है जिनसे पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों को भी चिन्हित कर लिया गया है, जिनके गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

गिरफ्तार आरोपी
अब्दुल रज्जाक पुत्र सरफू निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर हरिद्वार।
नसीम उर्फ मुन्ना पुत्र जिन्दे हसन  निवासीग्राम सराय थाना ज्वालापुर हरिद्वार ।
मशरूर पुत्र इरसाद अली  निवासी ग्राम सराय थाना ज्वालापुर हरिद्वार ।