भय-भ्रष्टाचार मुक्त सरकार भ्रष्टाचार रोकने में पूरी तरह विफल:माहरा बोलेः पहले हो जाॅच फिर हो प्रतियोगी परिक्षाएं

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पिछली सभी परिक्षाओं को बताया संदेह के घेरे में
देहरादून। उत्तराखण्ड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने आज प्रदेश कांगे्रस मुख्यालय में पे्रस को संबोधित करते हुए कहा कि लम्बे समय से लगातार विभिन्न विभागांे में हो रहे भ्रष्टाचार के मामले प्रकाशित हो रहे हैं। उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, सहकारिता विभाग, शिक्षा विभाग, सचिवालय रक्षक, न्यायिक सेवा, खन्न यूकेएसएससी, सहित विभिन्न विभागों की भर्तियों में हुए भारी भ्रष्टाचार व घोटाले को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला। माहरा ने कहा कि कांग्रेस देश में बढती हुई बेरोजगारी के प्रति संवेदनशील हैं।
  माहरा ने कहा कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में विभिन्न विभागों की भर्तियों में जो घोटाले हुए हैं उन भर्तियों के घोटाले के सम्बन्ध में उनके द्वारा उत्तराखण्ड की विधानसभा में हाकम सिंह रावत और अधीनस्थ चयन आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष आर.बी.एस. रावत के संलिप्त होने का मामला उठाया गया था जिस पर तत्कालीन संसदीय कार्यमंत्री स्व. प्रकाश पंत ने इन भर्तियों में घोटाला तथा आरोपियों में आपस में सांठ-गांठ होने की स्वीकारोक्ति सदन में ही की गई थी, परन्तु सरकार ने जांच के नाम पर लीपा-पोती की। ऐसे कई और भर्ती प्रकरण हैं जो निष्पक्ष जांच के उपरान्त ही खुलेंगे इनसे जुडे सफेदपोश और नौकरशाहों के चेहरे सामने आने ही चाहिए।  
    करन माहरा ने कहा कि भय-भ्रष्टाचार मुक्त सरकार का दावा करने वाली उत्तराखण्ड की डबल इंजन सरकार सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार रोकने में पूरी तरह से विफल साबित हुई हैै। राज्य सरकार द्वारा नौजवानों को रोजगार मुहैया कराना तो दूर जिन सरकारी पदों पर अभी तक भर्तियां की भी गई हैं उनमें भारी भ्रष्टाचार एवं भाई भतीजावाद को अंजाम दिया गया है। उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से वीपीडीओ एवं अन्य पदों के लिए हुई भर्ती परीक्षा में 15-15 लाख रूपये लेकर पेपर लीक कर नौकरियां बेचने का मामला राज्य के सरकारी विभागों की भर्तियों में भारी भ्रष्टाचार का जीता-जागता प्रमाण है।
   माहरा ने कहा कि राज्य सरकार ने यूकेएसएससी भर्ती घोटाले के बाद बडी आशाओं व अपेक्षाओं से अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से भर्ती परिक्षायें लोक सेवा आयोग को स्थानान्तरित की गई परन्तु इसे राज्य का दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है कि वहां भी भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। नये साल की बात करें तो पहले ही महीने में पटवारी लेखपाल तथा एई और जेई की परिक्षायें लीक हो चुकी हैं। उन्होंनेे कहा कि आयोग के अति गोपन विभाग में कार्यरत तीन अनुभाग अधिकारियों में से दो पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में राज्य सरकार को परिक्षायें कराने की जल्दी क्यों है? जब अभ्यर्थियों को इन परिक्षाओं की निष्पक्षता और पादर्शिता पर ही संदेह है।                    
 माहरा ने कहा कि लगातार इस भ्रष्टाचार में भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारियों का पकड़ा जाना कांगे्रस की भविष्यवाणी पर मुहर लगाता है। माहरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले दिन से भर्ती परिक्षाओं में सत्तारूढ दल के नेताओं एवं कार्यकर्ताआंे की संलिप्त होने की आशंका जता रही थी। माहरा ने कहा कि इस पूरे कौतूहल के बीच परीक्षा कराने की जिद पर आयोग और सरकार क्यों अडी है यह समझ से परे है। जाॅच और परिक्षायें साथ-साथ कैसे हो सकती है? माहरा ने कहा कि आयोग की पहली प्राथमिकता प्रदेश के नौजवानों का विश्वास जीतना होनी चाहिए। माहरा ने अंदेशा जताया कि आनन फानन में सभी नियमों को ताक में रखकर अपने चहेतों को लाभ पहॅुचाने की मंशा से यह परिक्षायें कराई जा रही हैं। माहरा ने आरोप लगाया कि आयोग की ओर से लगातार मैरीट कटआॅफ में फेर बदल किया जा रहा है। जो एडमिड कार्ड 13 जनवरी को आयोग की वैवसाईट पर अपलोड किया जाना था उसका लिंक 12 जनवरी को ही लीक को गया। प्रश्न पत्रों में जो सील होने चाहिए थी वह नदारद पाई गई। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए परीक्षा लीक के मुख्य आरोपी संजीव चतुर्वेदी पिछले चार वर्ष से गोपन विभाग में अनुभाग अधिकारी के रूप में कार्यरत है इसलिए उसकी देखरेख में हुए पिछली सभी परिक्षायें संदेह के घेरे में हैं। उन्होंने कहा कि संजीव चतुर्वेदी का सेलेवस में हस्ताक्षर होना संदेह को और पुख्ता करता है।
    माहरा ने राज्य सरकार की खन्न नीति पर भी बडा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी और रामनगर में खुलेआम अवैध खन्न हो रहा है जिससे एक तरफ राजस्व की हानि दूसरी ओर प्रकृति को नुकसान पहॅुच रहा है। पत्रकार वार्ता में उपाध्यक्ष संगठन मथुरा दत्त जोशी, महामंत्री संगठन विजय सारस्वत, मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी, प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, लक्ष्मी अग्रवाल, राजेश चमोली एवं नीरज त्यागी उपस्थित रहे।  

भ्रष्टाचार में कथित कांग्रेसियों के नाम भी हो उजागरः माहरा
देहरादून। करण माहरा ने जाॅच एजेन्सियों से नाराजगी जताते हुए कहा कि समाचार पत्रोें के माध्यम से कांगे्रस के लोगों का भी इस भ्रष्टाचार में संलिप्त होने की बात कही गई थी परन्तु आज दो दिन बीत जाने के बावजूद भी नाम उजागर नही किये गये हैं। माहरा ने कहा कि हिट एण्ड रन की पाॅलिसी नही चलेगी। यदि कांग्रेस के लोग इस कुकृत्य में शामिल हैं तो उनका नाम ना सिर्फ उजागर होना चाहिए बल्कि उनकी गिरफतारी भी होनी चाहिए। माहरा ने मांग की कि नैतिकता के आधार पर लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को इस्तीफा दे देना चाहिए और इन भर्ती परिक्षाओं के लीक होने में संलिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं परिक्षा नियंत्रकांे की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।