राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर बड़ोवाला बस्ती में भव्य पथ संचलन, 110 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में लिया भाग
स्वामी विवेकानंद स्कूल परिसर में हुआ कार्यक्रम, प्रांत प्रचार प्रमुख श्री संजय जी ने दिया प्रेरणादायी संबोधन
मानक सिद्ध नगर के बड़ोवाला बस्ती में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को भव्य पथ संचालन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 110 स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में अनुशासित ढंग से संचलन में भाग लिया, जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र देशभक्ति और संगठन भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया।
कार्यक्रम का आयोजन स्वामी विवेकानंद स्कूल, बड़ोवाला के प्रांगण में किया गया, जहां संघ से जुड़े अनेक स्वयंसेवक, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमान राजेंद्र बसेड़ा जी ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख श्रीमान संजय जी उपस्थित रहे।
“राष्ट्र की शक्ति, समाज की एकता में निहित है” — श्री संजय जी
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में श्री संजय जी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर की थी, ताकि सोए हुए हिन्दू समाज को पुनः जागृत कर राष्ट्रनिर्माण की दिशा में अग्रसर किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जैसे भगवान श्रीराम ने अपने पिता के वचनों का पालन करते हुए वनगमन का आदेश निष्ठा से स्वीकार किया, उसी प्रकार हर नागरिक को अपने कर्तव्यों का पालन राष्ट्रहित में निष्ठा और आज्ञाकारिता से करना चाहिए।
श्री संजय जी ने भगवान श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब उनके पास स्वयं शक्ति थी, तब भी उन्होंने गोकुलवासियों को साथ लेकर कार्य किया। यह संदेश देता है कि बड़े कार्य सामूहिक प्रयास से ही संभव होते हैं। इसी भावना से संघ भी समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्रोत्थान के कार्य में निरंतर जुटा हुआ है।
“भारत की शक्ति से ही विश्व में शांति संभव”
प्रांत प्रचार प्रमुख ने कहा कि यदि भारत शक्तिशाली बनेगा तो विश्व में स्थायी शांति की स्थापना संभव होगी, क्योंकि भारत की आध्यात्मिक शक्ति ही विश्व के संतुलन की आधारशिला है।
उन्होंने बताया कि विजयादशमी पर शस्त्र पूजन की परंपरा भगवान श्रीराम के काल से चली आ रही है, जो केवल एक परंपरा नहीं बल्कि शक्ति और धर्म के संतुलन का प्रतीक है।
“संघ सेवा का पर्याय है”
श्री संजय जी ने अपने वक्तव्य में लोकनायक जयप्रकाश नारायण का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं कहा था —
“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ऐसा संगठन है जो बिना किसी के कहे सदैव राष्ट्र सेवा में तत्पर रहता है।”
उन्होंने संघ की शाखाओं में गाए जाने वाले गीतों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये गीत केवल शब्द नहीं, बल्कि सेवा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रज्वलित करने वाले मंत्र हैं।
“संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो”
“देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें”
“तन समर्पित, मन समर्पित, और यह जीवन समर्पित”
इन गीतों के माध्यम से संघ स्वयंसेवकों में निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और संगठन भावना को बल मिलता है।
समाज से जुड़ने का किया आह्वान
श्री संजय जी ने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे संघ के इन आदर्शों और गीतों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण के कार्य में सहभागी बनें। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य किसी वर्ग, जाति या व्यक्ति विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समग्र समाज के उत्थान और राष्ट्र के पुनर्निर्माण का अभियान है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे संघ की शाखाओं में भाग लेकर चरित्र निर्माण, संगठन और राष्ट्र सेवा की भावना को आत्मसात करें।
कार्यक्रम में अनेक गणमान्य उपस्थित
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमान राजेंद्र बसेड़ा जी ने की। इस अवसर पर विभाग सह कार्यवाह श्रीमान अरुण शर्मा जी, महानगर प्रचार प्रमुख श्रीमान मनीष बागड़ी जी, हेमंत उपाध्याय जी, नगर कार्यवाह श्रीमान राकेश नैनवाल जी सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक बंधु उपस्थित रहे।
संपूर्ण आयोजन के दौरान अनुशासन, एकता और देशभक्ति की भावना स्पष्ट रूप से झलक रही थी। 110 स्वयंसेवकों का गणवेश में पथ संचलन बड़ोवाला क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक दृश्य बना, जिसने स्थानीय नागरिकों में भी राष्ट्रीय भावना का संचार किया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत और सामूहिक प्रण के साथ हुआ। स्वयंसेवकों ने राष्ट्र सेवा और समाज निर्माण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।








