विशाल हिंदू सम्मेलन में एकजुटता का आह्वान

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देहरादून। हिंदुत्व को सशक्त करने और समाज में जागरण का संदेश देने के उद्देश्य से देहरादून के वॉर्ड नंबर–38, पंडितवाड़ी में एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. शोभाराम उनियाल द्वारा श्री हनुमान चालीसा पाठ एवं आरती से हुआ। इसके पश्चात गुरुकुल की कन्याओं ने वैदिक मंत्रोच्चार कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक मा. धनंजय जी रहे। उन्होंने संघ गाथा एवं पंच परिवर्तन विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदू संस्कृति सनातन है, जिसका अर्थ शाश्वत होता है। यह संस्कृति प्राचीन होते हुए भी निरंतर नवीन है।
मा. धनंजय जी ने कहा कि हिंदू परिवार व्यवस्था हमारी संस्कृति की सबसे बड़ी शक्ति है, जहां भौतिक आवश्यकताओं के साथ-साथ आपसी संबंध भी मजबूत होते हैं। इससे व्यक्ति में पुण्य और पाप का विवेक विकसित होता है, जो समाज को दिशा और शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से अपने घर से ही सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि वेद विदुषी आचार्य डॉ. अन्नपूर्णा जी (पूर्व प्राचार्य, आर्य कन्या गुरुकुल महाविद्यालय) ने समाज निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैदिक सूत्रों के माध्यम से कहा कि जहां मातृशक्ति का सम्मान होता है, वहां निश्चित रूप से समृद्धि और सुदृढ़ संस्कृति का विकास होता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सुसंस्कृत समाज के लिए नारी के प्रति आदर, विचार और व्यवहार का उच्च होना आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में पीठाधीश्वर मां दक्षिणेश्वरी सिद्ध काली पीठ, बाजपुर के पूज्य महंत विकास नाथ जी का सान्निध्य प्राप्त हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता श्री डी.पी.एस. चौहान ने की।
सम्मेलन में प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन के माध्यम से समाज में एकता, चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।