देहरादून: Pushkar Singh Dhami ने शनिवार को शासकीय आवास पर Narendra Modi द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर राष्ट्र के नाम दिए गए संबोधन को सुना। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की सच्चाई को देश के सामने उजागर करते हुए उनके महिला विरोधी चेहरे को बेनकाब किया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन को पारित न होने देना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह देश की नारी शक्ति के राजनीतिक सशक्तिकरण की भ्रूण हत्या के समान है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं को राजनीति में उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए लंबे समय से मांग उठती रही है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस विषय पर कभी गंभीरता नहीं दिखाई।
उन्होंने कहा कि सदन में इस महत्वपूर्ण विधेयक के गिरने के बाद जिस प्रकार कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने मेजें थपथपाकर जश्न मनाया, वह उनकी संवेदनहीनता और बेशर्मी को दर्शाता है। यह घटना लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ-साथ देश की मातृशक्ति के सम्मान के भी विरुद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की मातृशक्ति इस अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में देश की महिलाएं इस अन्याय का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगी।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी इसी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भूमिका देना है।










