नशे की राह छोड़, शिक्षा और सफलता की राह चुनें: एसपी चमोली

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पीएम श्री राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज ग्वाड़ देवलधार में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त समाज का संकल्प

युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और उन्हें नशामुक्त, स्वस्थ एवं जिम्मेदार भविष्य की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से आज नेह ट्रस्ट फाउंडेशन द्वारा “नशा मुक्त युवा, नशा मुक्त भारत” अभियान के तहत पीएम श्री राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज ग्वाड़ देवलधार में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया, जबकि पुनीत कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चमोली विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर नेह ट्रस्ट फाउंडेशन की ओर से पुलिस अधीक्षक चमोली को बैज, शॉल एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान नेह ट्रस्ट फाउंडेशन द्वारा तैयार की गई “जहर की राह” नामक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। फिल्म के माध्यम से नशे की शुरुआत से लेकर उसके व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। खास बात यह रही कि इस लघु फिल्म में विद्यालय के विभिन्न छात्र-छात्राओं ने भी प्रतिभाग किया, जिससे कार्यक्रम का संदेश विद्यार्थियों तक और अधिक प्रभावी एवं भावनात्मक रूप से पहुंचा।

इसके साथ ही विद्यार्थियों के बीच नशा मुक्ति एवं जागरूकता विषयक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए नशे के दुष्प्रभावों, कानून, स्वास्थ्य एवं समाज पर इसके प्रभाव से जुड़े सवालों के जवाब दिए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को पुलिस अधीक्षक चमोली द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। युवा अवस्था जीवन निर्माण की अवस्था है और इस दौरान लिया गया हर सही या गलत निर्णय भविष्य की दिशा तय करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे नशे से दूर रहें और अपने आसपास किसी व्यक्ति को नशे की गिरफ्त में जाते देखें तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय जागरूक करने का प्रयास करें।

एसपी ने कहा कि “नशा शुरुआत में शौक लगता है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति की इच्छाशक्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, रिश्तों और भविष्य को अपने कब्जे में ले लेता है। इसलिए सबसे बेहतर रास्ता यही है कि नशे को जिंदगी में प्रवेश ही न करने दिया जाए।”

उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने, खेल, शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों एवं सकारात्मक संगति को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा केवल नशे से दूर रहने का संकल्प ही न लें, बल्कि “एक जागरूक युवा—एक सुरक्षित परिवार और एक नशामुक्त समाज” के संदेश को अपने साथियों एवं परिवार तक भी पहुंचाएं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने नशामुक्त समाज और स्वच्छ-सुंदर पर्यावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी एवं पर्यावरण संरक्षण का सकारात्मक संदेश दिया।

इस दौरान डॉ भगत सिंह राणा ( राष्ट्रीय संरक्षक नेह ट्रस्ट/ वरिष्ठ साहित्यकार), सुनील पुंडीर निदेशक नेह ट्रस्ट, मोहन नेगी ( मीटिया कोर्डिनेटर नेह ट्रस्ट/कोषाध्यक्ष), माधवी चौहान प्रधानाचार्य, जितेन्द्र नेगी ( यूथ विंग नेह ट्रस्ट), आशीष बैनोली ( टेक्निकल हेड), ओमप्रकाश पुरोहित,ओ0पी डिमरी, सुनील घरिया, रजनी पंवार, उ0नि0 सतेन्द्र बुटोला व अन्य मौजूद रहे।