ऋषिकेश में ‘मगध साइबर गैंग’ के नेटवर्क पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई,एक गिरफ्तार

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हरिद्वार:साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हरिद्वार पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है।
श्यामपुर कोतवाली पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने तकनीकी निगरानी के जरिए ऋषिकेश में सक्रिय बताए जा रहे ‘मगध साइबर गैंग’ से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार युवक गैंग के लिए फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था।
जानकारी के अनुसार श्यामपुर कोतवाली में दर्ज एक मुकदमें में वांछित सागर पाण्डेय की तलाश की जा रही थी। जांच के दौरान सीआईयू टीम को आरोपी की गतिविधियों से जुड़े डिजिटल सुराग मिले। तकनीकी जानकारी के आधार पर उसकी लोकेशन ऋषिकेश के मायाकुंड क्षेत्र में चंद्रेश्वर रोड के आसपास मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर स्कूटी से जा रहे आरोपी सागर पाण्डेय पुत्र राधेराम पाण्डेय, निवासी ग्राम सिकंदपुर, थाना सिकंदरपुर, जिला बलिया, उत्तर प्रदेश,वर्तमान पता मायाकुंड,ऋषिकेश को गिरफ्तार किया।
आरोपी मूल रूप से बलिया जिले के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सिकंदपुर का रहने वाला है और ऋषिकेश में रह रहा था। पुलिस का दावा है कि वह पहले गिरफ्तार किए जा चुके गैंग के कथित सरगना कृष्णा पाण्डेय के संपर्क में था। उसका काम स्थानीय लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाना और इन खातों को साइबर ठगी से हासिल रकम के लेनदेन के लिए गैंग तक पहुंचाना था।
पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी ने विशाल और श्याम नाम के व्यक्तियों से जुड़े कुल 18 बैंक खाते गैंग को उपलब्ध कराए थे। इसके बदले उसे कमीशन मिलने की बात सामने आई है। ऐसे बैंक खातों को साइबर अपराध की भाषा में ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जाता है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को जब अपने कुछ साथियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिली तो उसने जांच से बचने के लिए मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्ड और कई संपर्क नंबर डिलीट कर दिए। हालांकि तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को उसके मोबाइल की गैलरी से एक बैंक खाते से संबंधित फोटो बरामद हुई, जिसे जांच में महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य माना जा रहा है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रियलमी कंपनी का एक मोबाइल फोन और बैंक खातों व चैट से संबंधित रिकवर किए गए डिजिटल दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच के साथ पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं तथा साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किन-किन खातों का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन ठगी से जुड़े मामलों में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास लगातार जारी है।
कार्रवाई में शामिल टीम में थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, चौकी प्रभारी चंडी घाट उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह तोमर, कांस्टेबल विनित कुमार, राहुल देव, वसीम तथा सीआईयू हरिद्वार की टीम।