कोविड कर्फ्यू के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग

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व्यापारियों ने भेजा पूर्व विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन

हरिद्वार। भेल व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व विधायक संजय गुप्ता से मिलकर कोविड के दौरान दर्ज मुकदमें वापस लिए जाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी संजय गुप्ता को सौंपा। इस दौरान भेल व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुकेश चौहान, सचिव डा. हिमांशु द्विवेदी, विक्रांत आहूजा एवं विजय कुमार बंसल आदि ने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की कैबिनेट ने कोविड महामारी के दौरान राज्य में लॉकडाउन की अवधि में आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं महामारी अधिनियम के अंतर्गत दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का निर्णय लिया था। इस संबंध में 16 मार्च 2021 को सचिव गृह की ओर से आदेश भी जारी किए गए थे। लेकिन इसका लाभ पूरे प्रदेश मे किसी को नहीं मिल सका। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि संयुक्त निदेशक अभियोजन से मिलने पर जानकारी मिली कि शासन की ओर से जारी आदेश में तकनीकी कमी होने के कारण कोर्ट ने उसे नहीं माना। आईपीसी 188 का आदेश में कहीं जिक्र नहीं है। लेकिन प्रशासनिक स्तर पर किसी भी जिले से गृह विभाग को यह जानकारी नहीं दी गई। व्यापार मंडल के सचिव डा. हिमांशु द्विवेदी ने बताया कि आपदा प्रबंधन व महामारी अधिनियाम के अंतर्गत अकेले हरिद्वार में ही 970 से अधिक मुकदमे लोगों पर दर्ज हुए थे। लेकिन नौकरशाहों की गलती का खामियाजा लगभग 165 लोगों को कोर्ट मे अपना अपराध स्वीकार कर और जुर्माना भरकर भुगतना पड़ा। अभी भी हरिद्वार मे 700 के करीब मुकदमें कोर्ट मे विचाराधीन है। जबकि पड़ोसी उत्तर प्रदेश में आपदा के दौरान दर्ज मुकदमें वापस लेने की मुख्यमंत्री की घोषणा के फौरन बाद सभी मुकदमें वापस ले लिए गए। पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि दर्ज मुकदमें वापस कराए जाएंगे।