नई दिल्ली। केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने बुधवार को आयुष भवन में ‘प्रकृति कैफे’ का उद्घाटन किया। यह आयुष मंत्रालय की अपनी तरह की पहली कार्यस्थल पहल है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों और आगंतुकों के बीच ‘आयुष आहार’ पर आधारित स्वस्थ और संतुलित खान-पान की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
उद्घाटन के अवसर पर श्री जाधव ने कहा कि ‘प्रकृति कैफे’ केवल एक कैफे नहीं, बल्कि स्वस्थ भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केवल इलाज से नहीं, बल्कि रोजमर्रा के सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली से भी सुनिश्चित होता है। पौष्टिक भोजन शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ अनेक बीमारियों से बचाने में भी सहायक होता है।
उन्होंने कहा कि आज बदलती जीवनशैली और जंक फूड की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण मधुमेह, मोटापा और हृदय रोग जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेष रूप से युवाओं को इन खतरों के प्रति जागरूक करने और उन्हें पौष्टिक विकल्प उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से ‘प्रकृति कैफे’ में किफायती दरों पर आयुष से प्रेरित पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली छोटे-छोटे लेकिन नियमित सही निर्णयों से बनती है। उन्होंने कहा कि ‘प्रकृति कैफे’ लोगों को संतुलित भोजन अपनाने के लिए प्रेरित करेगा और भारत की पारंपरिक पोषण संस्कृति को भी बढ़ावा देगा।
कैफे में ‘आयुष आहार’ के सिद्धांतों पर आधारित कई पौष्टिक व्यंजन उपलब्ध हैं। इनमें चुकंदर एवं ओट्स कटलेट, कोसम्बरी, मिलेट ढोकला, खांडवी, ओट्स पोहा, कुटकी (लिटिल मिलेट) वेजिटेबल उपमा तथा गुड़ से बनी मखाना खीर शामिल हैं। पेय पदार्थों में ताजा नारियल पानी, तुलसी-अदरक चाय और ग्रीन टी जैसे स्वास्थ्यवर्धक विकल्प भी उपलब्ध कराए गए हैं।
आयुष मंत्रालय का मानना है कि यह पहल कर्मचारियों और आम लोगों में स्वस्थ खान-पान की आदत विकसित करने के साथ-साथ निवारक स्वास्थ्य देखभाल को भी बढ़ावा देगी। उद्घाटन समारोह में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
‘प्रकृति कैफे’ की शुरुआत आयुष मंत्रालय के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत पारंपरिक भारतीय ज्ञान, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली को आधुनिक कार्यस्थल संस्कृति का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है।








