पौधारोपण के साथ पॉलीथीन उन्मूलन भी जरूरी: डॉ. आशुतोष पन्त

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पौधारोपण के साथ पॉलीथीन उन्मूलन भी जरूरी: डॉ. आशुतोष पन्त

हल्दूचौड़ (नैनीताल)। पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखंड के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से नैनीताल जिले के हल्दूचौड़ क्षेत्र के राधा बंगर और बेमेता बंगर गांवों में पर्यावरणविद एवं पूर्व जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. आशुतोष पन्त ने ग्रामीणों को विभिन्न फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण किया। इस दौरान कटहल, नींबू, माल्टा, आंवला, सहजन, करौंदा और अमरूद सहित कई उपयोगी पौधे लोगों को भेंट किए गए।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. पन्त ने पौधारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केवल पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पॉलीथीन का पूर्ण उन्मूलन भी उतना ही आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि यदि पॉलीथीन का अंधाधुंध उपयोग जारी रहा तो पृथ्वी धीरे-धीरे कूड़े के ढेर में बदल जाएगी। प्लास्टिक को पूरी तरह नष्ट होने में 500 वर्ष से अधिक का समय लगता है। इस दौरान इसके सूक्ष्म कण (माइक्रोप्लास्टिक) भूजल, नदियों, समुद्रों और यहां तक कि हिमालय के ग्लेशियरों तक पहुंच चुके हैं।

डॉ. पन्त ने बताया कि यही माइक्रोप्लास्टिक समुद्री जीवों, पशुओं और अंततः मनुष्यों के शरीर में प्रवेश कर कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पॉलीथीन का प्रयोग पूरी तरह बंद करें और कपड़े या अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों का उपयोग करें।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्राम प्रधान श्रीमती जीवंती बमेटा, श्री कार्तिक तथा श्री खीमानंद दुमका का विशेष सहयोग रहा। डॉ. आशुतोष पन्त ने सभी सहयोगियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।