चीन के इस प्रस्ताव पर विपक्षी भी आया केंद्र सरकार के साथ

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नई दिल्ली। चीन के राजदूत के एक प्रस्ताव के बाद केंद्र सरकार की हमेशा आलोचना करने वाली कांग्रेस भी मोदी सरकार के साथ खड़ी हो गई है। बता दें कि चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने भारत और पाकिस्‍तान के संबंधों को सुधारने के लिए एक सुझाव दिया है, जिसकी कांग्रेस ने जमकर आलोचना की है।

चीन के राजदूत के इस बयान के बाद कांग्रेस भी मोदी सरकार के साथ खड़ी नजर आ रही है। दरअसल भारत में चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते दूसरे डोकलाम जैसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं कर सकते। ऐसे में सीमा विवाद जैसे मामलों के ऐसे समाधान निकालने की कोशिश होनी चाहिए जो दोनों पक्षों को स्वीकार हों।

भारत-चीन के रिश्ते को सुधारने के लिए उन्होंने चार सुझाव दिए हैं। उनका पहला सुझाव है कि दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग पर एक व्यापक समझौता हो। दूसरा समझौता है कि दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार नीति को लेकर फिर से वार्ता शुरु हो।

वहीं तीसरा सुझाव है कि संपर्क (कनेक्टिविटी) परियोजनाओं पर साझा अभियान हों। वहीं चीन के राजदूत का चौथा और अंतिम सुझाव है कि सीमा विवाद का निपटारा शीघ्र हो और यह विशेष प्रतिनिधियों के जरिये हो। हालांकि बता दें कि भारत और चीन के बीच विशेष प्रतिनिधियों के माध्यम से सीमा विवाद सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।